शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के सड़क नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, अधिक सक्षम और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार स्वतंत्र सड़क सुरक्षा ऑडिट को संस्थागत रूप देकर तथा सभी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करके सड़क सुरक्षा के प्रति सक्रिय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपना रही है। सरकार ने लोक निर्माण विभाग के अधीन आने वाली सड़कों के लिए सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति लागू करने को मंजूरी प्रदान की है ताकि सड़क सुरक्षा को राज्य में सड़कों की योजना, डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यहां जारी बयान में कहा कि सरकार ने व्यापक सड़क सुरक्षा ऑडिट ढांचा अपनाया है। इस नीति के अंतर्गत किसी भी सड़क परियोजना के पांच महत्वपूर्ण चरणों में सड़क सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। इनमें व्यवहार्यता अथवा प्रारंभिक डिजाइन चरण, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन चरण, निर्माण चरण, सड़क को यातायात के लिए खोलने से पूर्व का चरण तथा पहले से निर्मित सड़कों का ऑडिट शामिल है। व्यवहार्यता चरण में आडिटर मार्ग चयन, सड़क की अलाइनमेंट, चौराहों, क्रॉस सेक्शन तथा मौजूदा सड़क नेटवर्क से संपर्क का परीक्षण करेंगे।
विस्तृत डिजाइन चरण में ज्यामितीय डिजाइन, सड़क संकेतक, सड़क चिह्नांकन, प्रकाश व्यवस्था, संवेदनशील सड़क उपयोगकर्ताओं जैसे पैदल यात्री व साइकिल चालक के लिए सुविधाएं तथा सड़क किनारे सुरक्षा प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। निर्माण चरण के दौरान ऑडिट में कार्यस्थल सुरक्षा, यातायात प्रबंधन योजना, श्रमिकों की सुरक्षा तथा पूर्व में दिए गए ऑडिट सुझावों के पालन की समीक्षा की जाएगी। सड़क को यातायात के लिए खोलने से पूर्व दिन व रात दोनों समय विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में रोड सेफ्टी सेल स्थापित किया जाएगा। यह सेल सड़क सुरक्षा ऑडिट कार्यक्रम के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली प्रत्येक सड़क परियोजना में सड़क सुरक्षा ऑडिट के लिए परियोजना लागत का एक प्रतिशत अनिवार्य रूप से निर्धारित किया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा व यातायात प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में हिमाचल में सड़क दुर्घटनाओं में 6.48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी।
वर्ष 2023 में 2,253 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं और वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 2,107 रह गई। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु संख्या में कमी आई है। वर्ष 2023 में 892 लोगों की मृत्यु हुई व वर्ष 2024 में यह संख्या 806 रही। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की संख्या वर्ष 2023 के 3,449 से घटकर वर्ष 2024 में 3,290 हो गई।