हिमाचल में पंचायत चुनाव पर घमासान: पंचायती राज विभाग के सचिव का तबादला

शिमला. हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को करवाने को लेकर सरकार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के बीच टकराव देखने को मिल रहा है. हाल ही में राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत पंचायतों और नगर निकायों की पुनर्गठन और पुर्नसीमांकन पर रोक के मामले और पूरी प्रकिया को लेकर पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने चुप्पी साध ली है और इस मुद्दे पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है.

उधर, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने राज्य सरकार पर जबरदस्त हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन चुनावों में बुरी तरह से हार रही है और हार की डर की वजह से ही चुनाव टाल रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस तरह की स्थिति है, उसे देखते हुए कांग्रेस के पक्ष में कोई माहौल नहीं है. जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार आपदा का हवाला देकर अपनी जान बचाने का काम कर रही है. साथ ही कहा कि सोमवार को राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी की गई नोटिफिकेशन सरकार के लिए एक बड़ा झटका है.

सुक्खू सरकार ने मंगलवार को विभागीय फेरबदल किया है. सरकार ने पंचायती राज विभाग के सचिव राजेश शर्मा की ट्रांसफर कर दी है और उनके स्थान पर सी. पालरासु को विभाग के सचिव का जिम्मा सौंपा है. वहीं, पंचायत चुनावों को हाईकोर्ट में दायर याचिका पर भी अदालत ने चुनाव आयोग और सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

सीएम सुक्खू ने क्या कहा
मंगलवार को पालमुपर में सीएम ने कहा कि सरकार का पहला दायित्व आपता प्रभावितों तक राहत पहुंचाना है और पंचायतों में जब सड़कें नहीं खुलेंगी तो मतदाताओं का अधिकार कैसे छीन सकते हैं. साथ ही कहा कि राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना का कानूनी अध्ययन किया जाएगा. ऐसे में हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर पूरी तरह से घमासान मचा हुआ है और सरकार पर चुनाव टालने के आरोप लग रहे हैं.