Himachal High Court: हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने बागी पूर्व विधायकों की पेंशन बहाल करने के आदेश दिए हैं और एक महीने के भीतर बकाया राशि जारी करने को कहा है.
एक महीने में बकाया भुगतान का निर्देश
न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और रंजन शर्मा की खंडपीठ ने हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ताओं को एक महीने के भीतर पेंशन का बकाया भुगतान किया जाए.
किन याचिकाओं पर आया फैसला
यह फैसला दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनाया गया, जो पूर्व विधायक Rajendra Rana और Ravi Thakur द्वारा दायर की गई थीं. दोनों ने उस संशोधन विधेयक को चुनौती दी थी, जिसमें दल-बदल कानून (दसवीं अनुसूची) के तहत अयोग्य घोषित विधायकों की पेंशन समाप्त करने का प्रावधान किया गया था.
सरकार ने बदला कानून, नया बिल लाया
सुनवाई के दौरान विधानसभा सचिवालय ने कोर्ट को बताया कि पहले पारित विधेयक को सरकार ने वापस ले लिया है और उसकी जगह नया विधेयक लाया गया है. नए प्रावधान के अनुसार, अब 14वीं विधानसभा या उसके बाद चुने जाने वाले विधायक, यदि दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित होते हैं, तो उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा.
राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार
सचिवालय के अनुसार, यह नया विधेयक फिलहाल राज्यपाल की मंजूरी के लिए लंबित है. इसका प्रभाव भविष्य में लागू होगा और वर्तमान मामले पर इसका असर नहीं पड़ेगा.