…तो हिमाचल के युवाओं की शिक्षक बनने में कम हो गई रुचि? बीएड कालेजों में खाली रह गई हजारों सीटें

शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिक्षक बनने की ओर युवाओं का रुझान कम हो रहा है। यही कारण है कि बीएड की इस बार हजारों सीटें खाली रह गई हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बीएड कालेजों को छात्र नहीं मिल रहे हैं। विभिन्न कालेजों में बीएड की अभी भी 4795 सीट नहीं भर पाई हैं।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में 20, राजकीय शिक्षा महाविद्यालय धर्मशाला में 79 और 54 निजी बीएड कालेजों में 4696 सीट खाली हैं। निजी बीएड कालेजों में मेडिकल संकाय में 1163, नान मेडिकल में 1470 और आर्ट्स व कामर्स में 2063 सीट खाली हैं। दो चरण की काउंसिलिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी भी करीब पांच हजार सीटें खाली पड़ी हैं। सीटें न भरे जाने के कारण निजी बीएड कॉलेज संचालक भी परेशान हैं।

आज आनलाइन दर्ज करवानी होंगी प्राथमिकताएं
सीट को भरने के लिए अब तीसरे चरण की काउंसिलिंग जारी है। 14 सितंबर तक कालेज की प्राथमिकताएं आनलाइन दर्ज करवानी होंगी। 17 सितंबर को अभ्यर्थियों को आवंटित कालेज की सूचना जारी होगी। 18 से 20 सितंबर तक कालेज में दस्तावेजों का सत्यापन होगा। इसके बाद आनलाइन फीस जमा करवानी होगी।

23 सितंबर से होगा काउंसिलिंग का चौथा राउंड
तीसरे राउंड की काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद चौथा राउंड 23 सितंबर से शुरू होगा। खाली सीट का ब्योरा जारी करने के साथ ही काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और चौथा राउंड यानी कलेक्शन कम मापअप राउंड के तहत 23 से 25 सितंबर तक अभ्यर्थियों को कालेज की प्राथमिकताएं आनलाइन दर्ज करवानी होंगी। 27 सितंबर को संशोधित मेरिट सूची जारी होगी। 29 सितंबर को आटित कालेज संबंधित सूचना जारी होगी।