कई महीनों तक काटी जेल, 13 साल की उम्र में ज्वाइन की RSS… कौन हैं हिमाचल के नए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता?

शिमला। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के राज्यपाल और उपराज्यपालों का ट्रांसफर किया है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का गवर्नर बनाया गया है। बीजेपी के सीनियर लीडर कविंद्र गुप्ता जुलाई, 2025 में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल बने थे। उन्होंने रिटायर्ट ब्रिगेडियर डॉ. बीडी मिश्रा की जगह ली थी। आठ माह से ही उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया और अब उन्हें हिमाचल का राज्यपाल बनाया गया है

13 महीने जेल में रहे
उनका जन्म 2 दिसंबर 1959 को हुआ था। वह छात्र जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए थे। मात्र 13 वर्ष की आयु में ही उन्होंने आरएसएस ज्वाइन की थी। देश में आपातकाल के दौरान वह 13 माह तक जेल में भी रहे। 1978 से 1979 तक वह विश्व हिंदू परिषद पंजाब के सचिव रहे।

वह 1993 से 1998 तक जम्मू-कश्मीर भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे। वह वर्ष 2005 से 2010 तक जम्मू के तीन बार मेयर चुने गए। साल 2014 में उन्होंने जम्मू के गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और उस समय उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमण भल्ला को हराया था। 19 मार्च 2015 को उन्हें विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। वह जम्मू-कश्मीर में भाजपा के पहले नेता थे जिन्हें स्पीकर चुना गया।

जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम भी रहे
30 अप्रैल, 2018 को कैबिनेट में फेरबदल के दौरान, कविंद्र गुप्ता जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री चुने गए। उन्होंने भाजपा नेता निर्मल सिंह की जगह ली। हालांकि, भाजपा द्वारा पीडीपी सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद उन्होंने सिर्फ 51 दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर भाजपा की राज्य इकाई के सचिव के तौर पर भी काम किया है। कविंद्र गुप्ता अपने बेबाक बयान के लिए जाने जाते हैं।