अभी-अभी: गृहमंत्री अनिल विज के दफ्तर से गोपनीय दस्तावेज लीक, मचा हड़कंप

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चंडीगढ़। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज के कार्यालय से गोपनीय दस्तावेज लीक हुए हैं। अहम सूचनाएं लीक करने के आरोपी सहायक को शुक्रवार शाम सिविल सचिवालय में धर लिया गया। विज ने खुद डेढ़ घंटे सहायक का मोबाइल खंगाला। उसमें सौ से अधिक दस्तावेजों के फोटो मिले। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मोबाइल जब्त कर लिया। उसे सीएफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा।

आरोपी कर्मचारी विज के कार्यालय में ही तैनात था। पुलिस आरोपी पर 409 के तहत अमानत में ख्यानत का पर्चा दर्ज करने की तैयारी में है। घटना शुक्रवार देर शाम की है। गृहमंत्री अपने कार्यालय में स्वास्थ्य व अन्य विभागों की अहम बैठकें ले रहे थे। इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि उनके कार्यालय का सहायक फाइलों की मोबाइल से फोटो खींच रहा है। उन्होंने तुरंत हरकत में आते हुए सहायक को बुलाया और पासवर्ड पूछकर उसका मोबाइल जांचा, जिसमें पाया गया कि गैलरी में अनेक गोपनीय फाइलों के फोटो मौजूद हैं। उन्हें इधर-उधर भी भेजा गया है। इस पर विज के निजी सचिव ने मुख्य सचिव विजय वर्धन को लिखित शिकायत की।

मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ पुलिस के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया। तुरंत चंडीगढ़ के सेक्टर-3 थाने के पुलिस कर्मी विज के कार्यालय पहुंचे और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस सीएफएसएल जांच में मोबाइल का पूरा रिकॉर्ड निकालेगी। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी कर्मचारी ने गोपनीय दस्तावेज कहां-कहां, किस-किसको भेजे हैं। इसके पीछे क्या मकसद था। दस्तावेजों के एवज में पैसे का लेनदेन तो नहीं हुआ है। वहीं आरोपी ने पकड़े जाने के बाद खूब ड्रामा किया और रोते हुए विज से माफ करने की गुहार लगाई। वह उनके कार्यालय के बाहर जमीन पर लेट गया।

विज ने दस्तावेज लीक होने का संदेह जताया
गृह मंत्री विज ने उनके सात-आठ विभागों के अनेक अहम दस्तावेज लीक होने का संदेह जताया है। इससे पूरे सचिवालय में खलबली मच गई है। उन्होंने आशंका जताई कि उनके विभागों की अनुमोदित फाइलों की फोटो खींचकर यह कर्मचारी आगे भेजता था। काम हो गया है, यह कहकर वह उसके पैसा भी लेता रहा हो।

अन्य कर्मचारियों पर भी नजर, भूमिका की जांच होगी
सहायक के पकड़े जाने पर अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पूरे मामले की हर पहलू से सरकार स्तर पर भी जांच होगी। विज ने पुलिस को साफ कर दिया है कि इस मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। विज पहले भी सीआईडी कर्मचारी को जासूसी के आरोप में अपने कार्यालय में पकड़ चुके हैं।