Vitamin D Overdose Disadvantages: शरीर एक मशीन है और इसे चलाने के लिए जरूरी विटामिन और पोषक तत्व जरूरी होते हैं. यहां हम बात करेंगे विटामिन-डी की, जो हमें हेल्दी रखता है. ये ना सिर्फ हड्डियों को मजबूत करता है बल्कि और भी कई फंक्शन के लिए जरूरी होता है. सर्दी के मौसम में धूप कम होने की वजह से इसकी कमी (Vitamin D Deficiency) हो जाती है, ऐसे में कई लोग विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए कुछ टेबलेट और डोज लेने लगते हैं. अगर आप भी बिना जाने-समझे जरूरत से ज्यादा विटामिन डी ले रहे हैं तो सावधान हो जाएगी. ये आपकी हलात खराब कर सकता है.
विटामिन D को अक्सर ‘सनशाइन विटामिन’ कहा जाता है, जो सूर्य से मिलता है. सर्दियों के मौसम में लोग इसके फायदे सुनकर इसे बिना सोचे-समझे रोज लेने लगे हैं. यही वजह है कि अब ओवरडोज की समस्या तेजी से बढ़ रही है. बहुत से लोग सोचते हैं कि जितना ज्यादा विटामिन D लेंगे, उतना ज्यादा फायदा मिलेगा, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल उलट है.
ज्यादा विटामिन डी किडनी के लिए कितना खतरनाक?
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर शरीर में विटामिन D जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो यह कैल्शियम को इतना बढ़ा देता है कि किडनी उसे संभाल ही नहीं पाती. धीरे-धीरे किडनी पर दबाव बढ़ता जाता है और नुकसान शुरू हो जाता है, कई बार इसके लक्षण भी नहीं दिखते. नीचे हम जानेंगे कि आखिर कैसे विटामिन डी शरीर को नुकसान पहुंचाता है और दिनभर में कितना विटामिन डी लेना चाहिए.
किडनी फेलियर तक हो सकता सकता है
विटामिन डी का डोज जरूरत से ज्यादा हो जाता है तो खून में कैल्शियम बढ़ने लगता है. इसे हाइपरकैल्सीमिया कहा जाता है. लिहाजा किडनी में कैल्शियम जमने लगता है. इससे किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ता है. किडनी की फिल्ट्रेशन क्षमता कम होने लगती है. इतना ही हनीं, गंभीर मामलों में किडनी फेलियर तक हो सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक, कई बार लोग गलत जानकारी या गलत डोज की वजह से ओवरडोज ले लेते हैं और तब तक समझ नहीं पाते जब तक किडनी को नुकसान न पहुंच जाए.
विटामिन डी के ओवरडोज के संकेत
लगातार उल्टी या पेट में दर्द
बहुत ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना
कमजोरी, थकान और शरीर टूटना
दिमाग भारी लगना या भ्रम महसूस होना
कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द (किडनी स्टोन का संकेत)
पैरों में सूजन और सांस फूलना (सर्वाधिक गंभीर स्थिति)
एक दिन में कितना विटामिन डी लेना चाहिए?
ज्यादातर एडल्ट्स के लिए दिन में सिर्फ 400 से 1,000 IU विटामिन डी काफी होता, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब कोई 4,000 IU से ज्यादा लंबे समय तक लेने लगे. 60,000 IU वाली कैप्सूल को रोज लेना, सबसे बड़ी गलती है, इसे हफ्ते में सिर्फ एक बार लेना चाहिए.
विटामिन डी के ओवरडोज से कैसे बचें?
सबसे पहली बात ये ध्यानर खें कि विटामिन D केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लें. किसी और को लेते देखकर खुद से शुरू न करें. एक साथ कई सप्लीमेंट न लें. लेबल पर लिखी डोज का पालन करें. अगर आप लंबे समय विटामिन डी का डोज ले रहे हैं तो समय-समय पर ब्लड टेस्ट करवाएं.