भोपाल: मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से परेशान लोगों को प्री मानसून की गतिविधियों ने राहत दी है। IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून 2026 को केरल में दस्तक दे दी है। इसके साथ ही एमपी में मानसून के आगमन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून 15 जून तक प्रदेश के पूर्वी हिस्से शहडोल-जबलपुर संभाग में प्रवेश करता है, लेकिन इस बार जून के दूसरे सप्ताह मेंमानसूनी गतिविधियां बेहद मजबूत होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों ही तरफ से आ रही तेज नमी मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है। हालांकि मानसून की एमपी में पूर्ण रूप से एंट्री करीब 5 दिन की देरी से संभव है। 20 जून तक मानसून प्रदेश में एंट्री करेगा। हालांकि मौसमी गतिविधियां यदि माकूल रहीं तो मानसून समय पर आ सकता है।
एमपी में प्री-मानसून का तांडव: 45 जिलों में अलर्ट
मानसून के आने से पहले ही मध्यप्रदेश का मौसम पूरी तरह बदल चुका है। प्रदेश में इस समय दो अलग-अलग मौसमी सिस्टम एक्टिव हैं। जहां पश्चिमी और मध्य भागों में हल्की शुष्क हवाएं हैं, वहीं पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में प्री-मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों में राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के सतना में 35 मिलीमीटर और रतलाम में करीब डेढ़ इंच तक भारी बारिश दर्ज की गई है।
राजधानी भोपाल कर आंधी-तूफान ने किया हलाकान
तेज अंधड़ और तूफान का आलम यह है कि राजधानी भोपाल में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण 80 से ज्यादा पेड़ धराशायी हो गए। मौसम विभाग ने सागर, दमोह, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी और अशोकनगर में भारी आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन समेत दर्जनों जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मध्यप्रदेश में मानसून कब? जानिए अपडेट
सामान्य परिस्थितियों में मानसून मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 15 जून तक पहुंचता है। वर्तमान मौसम प्रणालियों को देखते हुए संभावना है कि जून के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां मजबूत होने लगेंगी। अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से मिल रही नमी मानसून को आगे बढ़ाने में सहायक बन रही है। बीते रोज मानसून ने देश के केरल से एंट्री कर ली है। मध्य प्रदेश में 20 जून मानसून आने की उम्मीद है। इसके पूर्व आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है, लेकिन गरज-चमक, तेज हवाओं एवं स्थानीय आंधी की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। किसानों, यात्रियों एवं आम नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
भोपाल, देवास सहित चार जिलों में ओलावृष्टि
मौसम विभाग से मिली जानकारी अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश में जोरदार बारिश और आंधी का दौर शुरू हुआ था। इसमें राजधानी भोपाल सहित देवास, झाबुआ और शाजापुर जिलों में ओलावृष्टि हुई है। वहीं बड़नगर में और सैलाना में दो इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। करीब 13 से 14 स्थानों पर एक से डेढ़ इंच तक बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में अधिकांश जिलों में बारिश दर्ज हुई है। बात तापमान की करें तो नौगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस पारा रहा, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। वहीं पचमढ़ी में सबसे कम 18.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
तेज हवाओं की रफ्तार ने चौंकाया
इस प्री-मानसून सिस्टम में केवल बारिश ही नहीं, बल्कि विनाशकारी हवाएं भी चल रही हैं। हाल ही में पड़ोसी राज्य ओडिशा के झारसुगुड़ा में 74 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से अंधड़ दर्ज किया गया, जो बादलों की भीषण तीव्रता को दिखाता है। मध्यप्रदेश में भी 70 किमी/घंटा की स्पीड से तूफानी हवाओं ने गदर मचा रखा है। जिससे रात के तापमान में 6 से 7 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी:
आने वाले 4-5 दिनों तक प्रदेश में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और स्थानीय आंधी की घटनाएं बढ़ेंगी। मौसम विभाग ने किसानों को कटी हुई फसलें सुरक्षित स्थान पर रखने और आम नागरिकों को आंधी के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सख्त सलाह दी है।