भोपाल: सिंहस्थ से पहले मध्य सरकार बड़ी तादाद में होमगार्ड्स की भर्तियां करने जा रही है. इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीपीपी मॉडल पर होमगार्ड्स को स्थाई आवास दिए जाने की भी घोषणा की है. सीएम होमगार्ड के 79वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में बोल रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा, भारिया और सहारिया जनजाति के लिए अलग से बटालियन बनाई जाएगी.
मध्य प्रदेश में सिंहस्थ जैसे आयोजन की संभाल के लिए तैयारी शुरू कर रही सरकार अब पांच हजार होमगार्ड्स की भर्ती करेगी. शनिवार को भोपाल में होमगार्ड के 79वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित राज्य स्तरीय आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये एलान किया. उन्होंने इस मौके पर कहा कि होमगार्डस को आने वाले आवास की दिक्कतों को देखते हुए उनके लिए भी पीपीपी मॉडल पर आवास बनाए जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ का जो विश्वव्यापी आयोजन होने जा रहा है उसकी सुरक्षा व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती होगी. पांच हजार होमगार्ड्स की भर्ती एक पंथ दो काज जैसा होगा. जिसमें एक तरफ तो सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी दूसरी तरफ नौजवानों को बड़ी तादाद में रोजगार भी मिल सकेगा.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस मौके पर मैं साहसिक पुरस्कारों की भी घोषणा कर रहा हूं. हमारी 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार के पुरस्कार दिए जाएंगे. इसके तहत हर वर्ष होमगार्ड की दस टीमों को उनके साहस के साथ कर्तव्यनिष्ठता के लिए 51 हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने होमगार्डस को मिलने वाली अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने की भी घोषणा की.
इसके पहले मध्य प्रदेश को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली थी. असल में हाईकोर्ट में कॉल ऑफ प्रक्रिया को लेकर होमगार्ड ने याचिका लगाई थी. जिसमें हाईकोर्ट ने कॉल ऑफ प्रक्रिया को रोक देने का निर्णय दिया था. जिसके बाद अब होमगार्ड्स को तीन वर्ष की सेवा में मिलने वाला अनिवार्य दो माह का अवकाश समाप्त कर दिया गया.