मध्य प्रदेश में ठंड से कांपे बच्चे, छिंदवाड़ा-रीवा सहित कई जिलों में स्कूलों का बदला टाइम

भोपाल/बड़वानी: मध्य प्रदेश में ठंड अपने पूरे शबाब पर है. पूरा प्रदेश शीतहलर की चपेट में है. कई शहरों में पारा 5 डिग्री पर पहुंच गया है. भोपाल में ठंड ने पिछले 88 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. रविवार रात को भोपाल का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जो अपने आप में रिकॉर्ड है. ठंड को देखते हुए कई जिलों के कलेक्टर ने स्कूलों का टाइम चेंज कर दिया गया है. आईए जानते हैं किस जिले में क्या है स्कूलों का टाइम.

इन जिलों में बदला स्कूलों का टाइम
ठंड को देखते हुए मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, हरदा, सतना, अनूपपुर, मंडला रीवा, उमरिया, देवास जिले में स्कूलों का टाइम में बदलाव किया गया है. छिंदवाड़ा कलेक्टर ने रविवार देर शाम को आदेश जारी किए. जिसके अनुसार, जिले में सभी स्कूल सुबह 8:30 बजे के बाद खुलेंगे. वहीं हरदा में स्कूल 9 बजे से संचालित होंगे. उमरिया जिले में प्री-प्राइमरी से कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल का टाइम सुबह 9 बजे से किया गया है. सतना में नर्सरी से कक्षा 8वीं तक कक्षाएं सुबह 9 बजे से लगेंगी.

छिंदवाड़ा कलेक्टर ने जारी किया आदेश
रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने भी स्कूल के टाइम के बदलाव के आदेश जारी किए हैं. क्लास नर्सरी से क्लास 8वीं तक के सभी स्कूल 9 बजे से खुलेंगे. वहीं अनुपपूर में स्कूल सुबह 9:30 बजे से संचालित होंगे. इधर, देवास में नर्सरी से लेकर क्लास 12वीं तक के स्कूल सुबह 10 बजे खुलेंगे. मंडला में सभी स्कूलों में सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक पढ़ाई होगी. बड़वानी जिले में स्कूलों के टाइम को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है.

बड़वानी में ठंड से हाल बेहाल
बड़वानी जिले में दिसंबर की शुरुआत के साथ ही ठंड ने दस्तक दे दी है. पिछले एक सप्ताह से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आमजन के साथ-साथ छोटे बच्चे भी काफी परेशान हैं. मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. ठंडी हवाएं और सुबह की ओस माहौल को और अधिक सर्द बना रही है.

बड़वानी में नहीं बदला स्कूलों का टाइम
न्यूनतम तापमान गिरने के बावजूद अभी तक सुबह की पाली वाले स्कूलों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिसके चलते छोटे बच्चे अलसुबह कंपकंपाती ठंड में स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं. कई अभिभावकों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है. वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि स्कूल समय परिवर्तन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है.

ठंड का असर जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा
ठंड के बढ़ते प्रकोप से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. शहर और ग्रामीण इलाकों में अलाव का सहारा लेने वालों की संख्या बढ़ गई है. दिन में भी लोग स्वेटर, मफलर, जैकेट जैसे गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं. शहर के अंजड़ मार्ग और मुख्य बाजार में अस्थाई गर्म कपड़ों की दुकानें सज गई हैं, जहां शॉल, स्वेटर और जैकेट की खरीदारी बढ़ गई है. जाड़े की शुरुआत के साथ ही तिल-गुड़ की गजक, गरम दूध और चाय की चुस्कियां लोगों की शामें गर्म कर रही हैं. होटलों, ठेलों और चाय की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है.

कृषि पर सकारात्मक प्रभाव
हालांकि ठंड का प्रकोप लोगों के लिए परेशानी का कारण बना है, लेकिन रबी की फसलों के लिए यह मौसम बेहद लाभकारी साबित हो रहा है. जिन किसानों ने नवंबर में गेहूं और चने की बुवाई कर दी थी, उनकी फसलों को इस गिरते तापमान का अच्छा लाभ मिल रहा है. कई क्षेत्रों में किसान बोवनी की अंतिम तैयारियों में जुटे हैं.

विधायक ने जताई चिंता, स्कूलों का समय बढ़ाने की मांग
बड़वानी विधायक राजन मंडलोई ने बढ़ती ठंड के बीच छोटे बच्चों की कठिनाइयों पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि, ”पिछले दो-तीन दिनों से तापमान काफी गिरा है, और ऐसे में अलसुबह बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल होता जा रहा है.” मंडलोई ने जिला प्रशासन से स्कूलों के समय में वृद्धि करने और सुबह के समय में ढील देने की मांग की है, ताकि छोटे बच्चों को राहत मिल सके.” उन्होंने बताया कि, ”प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में कलेक्टरों ने ठंड को देखते हुए स्कूलों का समय बदल दिया है, इसलिए बड़वानी में भी ऐसी व्यवस्था लागू होनी चाहिए.”