जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद मध्य प्रदेश में कई भाजपा नेता वाहनों के लंबे काफिले को लेकर चर्चा में आ चुके हैं। अब भाजपा नेता व सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है। गुरुवार को वह कार्यभार ग्रहण करने ई-रिक्शा में सवार होकर निकले, लेकिन उनके पीछे करीब 200 वाहनों का लंबा काफिला चलता रहा, जिसने पूरे घटनाक्रम को चर्चा का विषय बना दिया।
लगी वाहनों की कतार
जानकारी के अनुसार वीरेंद्र गोयल मोरवा स्थित अपने निवास से ई-रिक्शा में बैठकर जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुए। लगभग 27 किलोमीटर लंबी इस यात्रा के दौरान समर्थकों और कार्यकर्ताओं का वाहन काफिला भी उनके पीछे चलता रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार ने लोगों का ध्यान खींचा।
नेताजी ने दी सफाई
जब इस विरोधाभासी तस्वीर को लेकर वीरेंद्र गोयल से सवाल किया गया तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत संदेश का पूरा समर्थन करते हैं। इसी कारण वे स्वयं बिना किसी तामझाम के ई-रिक्शा में कार्यभार ग्रहण करने निकले थे। हालांकि, उनके मुताबिक पीछे चल रहे वाहन समर्थकों और कार्यकर्ताओं के थे, जिन्हें रोकना उनके लिए संभव नहीं था।
मऊगंज विधायक ने किया बस का सफर
इधर मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल बुधवार को फूल गांव पहुंचे और अपनी गाड़ी वहीं छोड़ दी। गुरुवार को बस से सफर कर वह मऊगंज स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। विधायक का कहना है कि इस पहल से ईंधन की बचत होगी। वहीं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला गुरुवार को सर्किट हाउस में बिना किसी फालो वाहन के अपने सरकारी वाहन से पहुंचे और समीक्षा बैठक की।