मध्य प्रदेश के आसपास बने प्रेरित चक्रवात के चलते बुधवार से राज्य का मौसम अचानक से करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने सूबे के नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी और बालाघाट समेत करीब 12 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, यह सिलसिला 21 मार्च तक चलेगा। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश संभागों में आंशिक बादल छाए रहे, जिससे दिन के तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ और यह 34 से 38 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।
कहां कितना तापमान?
इसके अलावा राज्य के मौसम की बात करें तो सबसे अधिक गर्मी खरगोन में रिकॉर्ड हुई। यहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो में 38.4 और नरसिंहपुर में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं रात का तापमान 14 से 20 डिग्री के बीच रहा, सिवनी में ये सबसे ज्यादा 20.4 डिग्री रिकार्ड किया गया।
17 से 21 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के अनुसार, 17 मार्च से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर 21 मार्च तक बने रहने की संभावना है। पहले इसका प्रभाव पश्चिमी हिस्सों में दिखाई देगा, फिर मध्य में और सबसे आखिर में पश्चिमी विक्षोभ का असर पूर्वी जिलों में देखने को मिलेगा, जिसके प्रभाव से संबंधित क्षेत्रों में बारिश का क्रम देखने को मिलेगा। इसी के साथ संबंधित क्षेत्रों में 35 से 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलने की संभावना है।
गर्मी से राहत तो मिलेगी, पर किसानों की बढ़ी चिंता
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 12 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इससे भीषण गर्मी से बहुत हद तक राहत तो मिलेगी, पर इस बदलाव से खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसलें प्रभावित होने की संभावना अधिक है।
प्रदेश के 4 बड़े शहरों में दिन और रात का तापमान
शहर — अधिकतम — न्यूनतम
-भोपाल — 35.2 — 17.8
-इंदौर — 34.9 — 16.8
-ग्वालियर — 35.5 — 18.0
-जबलपुर — 36.1 — 19.2
नोट — तापमान डिग्री सेल्सियस में