मुजफ्फरनगर में फेसबुक फ्रेंडशिप से 1.01 करोड़ की ठगी: आरोपी के खाते से 2.34 करोड़ के लेन-देन का खुलासा

₹1.01 Crore Fraud via Facebook Friendship in Muzaffarnagar: Transactions Worth ₹2.34 Crore Uncovered in Accused's Account

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सदस्य निखिल त्रिपाठी को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फेसबुक के माध्यम से फर्जी पहचान बनाकर एक व्यक्ति से 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये की साइबर ठगी करने का आरोप है।

पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित को फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। रिक्वेस्ट भेजने वाली महिला ने खुद को “गीतिका कपूर उर्फ जीजी” बताया। बातचीत के दौरान उसने पीड़ित का विश्वास जीता और फिर उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग व निवेश के नाम पर “DGXC” नामक वेबसाइट से जोड़ दिया।

फर्जी मुनाफा दिखाकर कराया निवेश

आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर वेबसाइट पर निवेश से होने वाले फर्जी लाभ को प्रदर्शित किया। वेबसाइट पर करोड़ों रुपये का काल्पनिक मुनाफा दिखाया गया, जिससे प्रभावित होकर पीड़ित ने विभिन्न बैंक खातों में कुल 1.01 करोड़ रुपये जमा कर दिए।

जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने “फाइनल वेरिफिकेशन”, “डेटा रिपेयरिंग” और “एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रोसेस” के नाम पर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।

इंदौर से दबोचा गया आरोपी

मामले की जांच के दौरान साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इंदौर में छापेमारी कर आरोपी निखिल त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, छह एटीएम कार्ड, पहचान पत्र संबंधी दस्तावेज और नकदी बरामद की गई है।

कमीशन के लालच में दिया बैंक खाता

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बीकॉम पास है और इंदौर की एक निजी कंपनी में कार्यरत है। टेलीग्राम के माध्यम से उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने बैंक खाता उपलब्ध कराने पर चार प्रतिशत कमीशन देने का प्रस्ताव दिया था। आरोपी ने लालच में आकर अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी साइबर गिरोह को उपलब्ध करा दी, जिसका इस्तेमाल ठगी की रकम के लेन-देन में किया गया।

खाते से 2.34 करोड़ का ट्रांजेक्शन

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी के बैंक खाते के जरिए करीब 2.34 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। इसके अलावा उसके खाते से जुड़े लगभग 40 साइबर धोखाधड़ी मामलों की शिकायतें देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त हुई हैं। पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है।

24.71 लाख रुपये फ्रीज

एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि इसी मामले में पहले दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 24.71 लाख रुपये की रकम फ्रीज कराई गई है। इस धनराशि को पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी जुटी है।