ई-रिक्शा चालक के नाम पर बोगस कंपनी, 2 करोड़ 22 लाख की जीएसटी चोरी

मुजफ्फरनगर। प्लास्टिक स्क्रैप की खरीद-फरोख्त के नाम पर एक बोगस कंपनी बनाकर 2 करोड़ 22 लाख 78 हजार रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपने एक परिचित ई-रिक्शा चालक का आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने उसकी आईडी ली और उसी के नाम पर फर्जी कंपनी खोलकर गड़बड़ी की। पुलिस ने बताया कि चार अन्य लोग भी प्रकाश में आए हैं, जिनकी भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।

एएसपी सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि शहर कोतवाली पुलिस ने रुड़की रोड पर पाल धर्मशाला के पास से मल्हूपुरा निवासी राशिद मलिक को गिरफ्तार किया है। राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त राजेंद्र प्रसाद सिंह ने नौ सितंबर 2025 को शहर कोतवाली में इस संबंध में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

सिविल लाइन थाने के मोहल्ला केवलपुरी निवासी सलीम के नाम से रुड़की रोड पर प्लास्टिक स्क्रैप की खरीद-फरोख्त के लिए सनराइज एंटरप्राइजेज नामक कंपनी खोली गई थी। इसके लिए सलीम के पेन कार्ड, बिजली का बिल, किरायानामा और अन्य आईडी का इस्तेमाल किया गया था।

जांच में सामने आई बोगस कंपनी
कंपनी के कारोबार की जांच के लिए एक टीम गठित की गई थी। जांच में पाया गया कि मौके पर ऐसी कोई कंपनी मौजूद नहीं थी और न ही कोई कारोबार किया गया था। यह स्पष्ट हो गया कि जीएसटी चोरी करने के उद्देश्य से एक बोगस कंपनी बनाई गई थी। शहर कोतवाली पुलिस ने कंपनी मालिक सलीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में अब राशिद मलिक को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि सलीम ई-रिक्शा चलाता है और उसने आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर उसकी आईडी प्राप्त की थी। इसी आईडी के आधार पर बोगस कंपनी का पंजीकरण कराया गया था।

स्क्रैप कारोबारी निकला मुख्य आरोपी
शहर कोतवाली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राशिद मलिक स्वयं स्क्रैप का काम करता है। इसी कारण उसने बोगस कंपनी बनाकर सरकारी राजस्व को चूना लगाया और जीएसटी का पैसा हड़प लिया। पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया है।