मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार सुबह कार्रवाई की। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के नरा गांव में फरार फॉरेक्स ट्रेडिंग मास्टरमाइंड लविश चौधरी के तीन करीबियों के घरों पर ईडी की टीमों ने छापेमारी की। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में पैरामिलिट्री फोर्स के साथ ईडी अधिकारी घरों को घेरकर जांच में जुटे। लगभग तीन ठिकानों पर तलाशी जारी है, जहां से दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस बरामद किए जा रहे हैं।
लविश चौधरी, जो मूल रूप से मुजफ्फरनगर के घासीपुरा गांव का निवासी है, फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी का मुख्य आरोपी है। नवाब अली उर्फ लविश के नेतृत्व में QFX Trade Ltd जैसी कंपनियां चलाकर उसने देशभर के हजारों निवेशकों को ठगा। वह 5-6 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच देकर किसानों से लेकर मध्यमवर्गीय परिवारों तक को अपने जाल में फंसाता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, ठगी की कुल रकम 210 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। QFX पर एफआईआर दर्ज होने के बाद, उसने नाम बदलकर YFX, BotBro, TLC Coin और Yorker FX जैसी नई योजनाएं शुरू कर दी थीं। ईडी की चंडीगढ़ जोनल टीम ने फरवरी 2025 में दिल्ली, नोएडा, शामली और रोहतक में भी छापे मारे थे। इन छापों में 170 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि फ्रीज की गई थी।
अब मुजफ्फरनगर के नरा गांव पर ध्यान केंद्रित किया गया है, क्योंकि यहां लविश के प्रमुख एजेंट सक्रिय थे। नरा गांव के तीन करीबियों जिनके नाम जांच में गोपनीय रखे गए हैं उनके घरों से संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिलने की उम्मीद है। छापेमारी के दौरान परिवारजनों से घंटों पूछताछ हुई। एक स्थान पर 94 लाख रुपये नकद और दस्तावेज जब्त किए गए। लविश चौधरी वर्तमान में दुबई भाग चुका है। वहां से वह एजेंटों को जूम कॉल्स पर निर्देश देता और दुबई में शादियों में बुलाकर लुभाता था । इंटरपोल ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है।
लविश का नेटवर्क वेस्ट यूपी से हरियाणा हिमाचल तक
ताकि वह भारत लौटने की कोशिश न कर सके। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी QFX समेत 13 फॉरेक्स प्लेटफॉर्म्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया। हिमाचल प्रदेश पुलिस की 2023 की FIR से शुरू हुई जांच अब ईडी के हाथ में है। पीड़ितों में पश्चिमी यूपी के सुजडू, मंसूरपुर जैसे गांवों के लोग प्रमुख हैं। एक किसान ने बताया, “हमारी जमा पूंजी डूब गई, परिवार बर्बाद हो गया।” ईडी का कहना है कि लविश का नेटवर्क वेस्ट यूपी से हरियाणा हिमाचल तक फैला था।
अब 25 अन्य एजेंटों पर नजर है। ठगी के पैसे से लविश ने दुबई में लग्जरी लाइफ जी, जबकि निवेशक सड़कों पर है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की है। ईडी ने शेल कंपनियों के खातों को जब्त किया। जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन उजागर हो रहे। लविश के दुबई वीजा-पासपोर्ट रिकॉर्ड खंगाले जा रहे।