मुजफ्फरनगर। चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन एवं बिना अनुमति के हेलीकाप्टर उतारने के मामले में दिल्ली की जामा मस्जिद के पूर्व शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी सीजेएम के न्यायालय के समक्ष पेश हुए। सुनवाई के बाद उन्हें 20-20 हजार रुपये के जमानती दाखिल करने पर जमानत मिल गई। अब मामले में 23 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
सैयद अहमद बुखारी ने 19 साल पुराने मुकदमे में न्यायालय के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखा। 10 अप्रैल 2007 के विधानसभा चुनाव में सैयद अहमद बुखारी ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के तत्कालीन उम्मीदवार साबिर अली के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित किया था। आरोप था कि सैयद अहमद बुखारी का हेलीकाप्टर बिना अनुमति के सभा स्थल पर उतरा था।
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुपालन में खतौली थाने में अहमद बुखारी, जामा मस्जिद की सलाहकार समिति के सदस्य इनाम कुरैशी और प्रत्याशी साबिर अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामले में न्यायालय में पेश न होने के कारण सैयद अहमद बुखारी के वारंट जारी हो रहे थे।
शुक्रवार को वह दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल के न्यायालय में पेश हुए। यहां पर सैयद अहमद बुखारी ने अपने वारंट रिकाल कराए। 20-20 हजार रुपये के दो जमानती दाखिल कराने के बाद न्यायालय ने जमानत दे दी। इस दौरान कचहरी में कड़ी सुरक्षा रही है। जमानत मिलने के बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।