सहारनपुर। देखरेख के अभाव में कई स्थानों पर खराब हो चुके सहारनपुर से मुजफ्फरनगर फोरलेन के सुधारीकरण का काम शुरू कराया गया है। वर्ष-2018 में यातायात शुरू के बाद फोरलेन के गड्ढों के पैच वर्क के काम कराए गए थे। कार्यदायी संस्था एप्को द्वारा फोरलेन की दोनों साइड पर विभिन्न स्थानों पर लेयर बिछाने के साथ ही सड़क सुरक्षा के मानक भी पूरे कराए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (उपशा) द्वारा पीपीपी माडल पर 52 किमी फोरलेन का निर्माण 18 मार्च-2016 से शुरू कराया गया था। 24 जून-2018 से फोरलेन पर टोल प्लाजा के साथ यातायात शुरू हो गया था। निर्माण के बाद से फोरलेन पर लेयर (रि-सरफेसिंग) बिछाने का काम नहीं कराया गया था। केवल मार्ग के जिस हिस्से में गड्ढ़े अथवा क्रैक आते रहे है,उसे पैच वर्क से ठीक करने का ही कराया गया।
पैच वर्क की स्थिति में कई स्थानों पर इतनी खराब है कि तेजी से गुजरने वाले वाहनों में बैठे यात्रियों को तेज झटके लगते है। मार्ग पर दो टोल प्लाजा द्वारा वाहनों से लगातार टोल शुल्क वसूला जा रहा है। वर्ष-2018 से शुरू हुए लगभग 52 किमी के मार्ग पर 750 करोड़ से अधिक की लागत आई थी। थर्मोप्लास्टिक पट्टी आदि का काम भी कई स्थानों पर खराब हो चुका है।
फोरलेन के रखरखाव का काम एप्को की इकाई मैसर्स देवबंद हाईवे प्राइवेट लिमिटेड पर है।संस्था द्वारा मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे से देवबंद नागल होकर गागलहेड़ी के ज्योतिबा फूल चौक तक सुधारीकरण के काम की शुरुआत देवबंद से की गई है। देवबंद की ओर से फोरलेन के दायी ओर 43 किमी और बायीं ओर 29 किमी सड़क पर काली लेयर बिछाने का काम कराया जाएगा। यह कार्य लगभग छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।