मुजफ्फरनगर: मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक ऐसी साइबर ठगी का खुलासा किया है जिसने सबको हैरान कर दिया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि किस तरह विदेशी गैंग भारतीय छात्रों को मोहरा बना रहे हैं। नोएडा में पढ़ रहा एक एलएलबी का छात्र विशाल गोदारा पुलिस के हत्थे चढ़ा है, जो चाइनीज़ साइबर नेटवर्क के इशारों पर भोले-भाले लोगों का पैसा लूटकर विदेश भेजता था। हैरानी की बात यह है कि यह छात्र रोजाना 2 लाख रुपये तक की ठगी की रकम को क्रिप्टो के रूप में बाहर भेजता था। बदले में उसे 5% यानी करीब 10,000 रुपये प्रतिदिन की कमाई होती थी।
16 नवंबर को बाकरनगर निवासी तौसीब ने थाना भोपा में शिकायत दी थी कि एक लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और खाते से दो लाख रुपये उड़ गए। इतना ही नहीं, ठगों ने उनकी निजी फोटो-वीडियो होने की धमकी देकर और पैसे वसूलने की कोशिश भी की। शिकायत मिलते ही भोपा पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की और 48 घंटे के भीतर नोएडा में दबिश देकर आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया।
छात्र से चौंकाने वाली बरामदगी
आरोपी छात्र क़े पास से 2 लाख रुपये नकद, 20 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक, 6 चेकबुक, तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, एक लैपटॉप मिले। यह बरामदगी बताती है कि आरोपी सिर्फ एक छोटा-मोटा ठग नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।
कैसे करता था साइबर ठगी? आरोपी ने खुद खोले राज
पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए। वह डमी बैंक अकाउंट 8-10 हजार रुपये में खरीदता था। इन्हीं खातों में ठगी का पैसा आता था, जिसे वह एटीएम या चेक के जरिए निकाल लेता था। इसके बाद वह रकम को डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टो (USDT) में कन्वर्ट करता था।
टेलीग्राम के जरिए वह चाइनीज हैंडलर से जुड़ा था, जिन्हें वह यह USDT भेजता था। हर ट्रांजैक्शन पर उसे 5% कमीशन मिलता था। वह रोजाना लगभग 2 लाख रुपये की साइबर मनी ट्रांसफर करता था। मिरर एप्लीकेशन के जरिए लोगों के मोबाइल हैक किए जाते थे। पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी का एक भाई यूके में बैठकर इसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। उसके रोल की भी जांच शुरू हो चुकी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा!
एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया कि पीड़ित के साथ हुए 2 लाख रुपये की ठगी 100% रिकवर कर ली गई है और जल्द उसे वापस दिलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा साइबर फ्रॉड केवल पैसों की चोरी नहीं है, यह नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा है। हमारा ही पैसा फ्रॉड के जरिए चीन या दुबई जैसे देशों में जा रहा है। लोगों को सजग रहना होगा। उन्होंने बताया कि ठगी का तरीका टास्क लिंक से शुरू हुआ, जिसमें पहले पीड़ित को 1400 रुपये देकर भरोसा बनाया गया और बाद में उसके फोन को हैक कर लिया गया।