मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार ने गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके लिए कई गांवों की भूमि पर निशान लगाकर पीले पिलर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बहुत से किसान अधिग्रहित भूमि के मुआवजे को कम बता रहे हैं।
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण, चौड़ीकरण, प्रबंधन और संचालन के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। जिन किसानों अथवा भू-स्वामियों की भूमि इस परियोजना में आ रही है। उनकी भूमि पर निशानदेही के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से 70 मीटर पर पीले रंग के पिलर लगाए जा रहे हैं।
अधिग्रहण की जाने वाली भूमि में पिलर लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। प्रशासन के अनुसार अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि अनेक किसान इस अधिग्रहित भूमि के मिलने वाले मुआवजे को कम बता रहे हैं।
अधिसूचना के अनुसार चरथावल क्षेत्र के रोनी हरजीपुर, पीपलशाह, नंगलाराई, अरनाइच, मुथरा सहित 18 गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। उधर, किसानी भूमि में मुस्तर (संयुक्त) खाताधारक किसानों के चेहरों पर उदासी झलक रही है। किसान मुस्तकीम व डा. इमरान का कहना है कि अधिग्रहण तो उनकी भूमि का होगा, लेकिन मुस्तर का खाता होने के कारण मुआवजे की धनराशि परिवार के अन्य सदस्यों में बंट जाएगी। एक्सप्रेसवे बनने से क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
पांच माह से अधूरा पड़ा मोहम्मदपुर-बसेड़ा पटरी मार्ग, किसानों में रोष
पुरकाजी: मोहम्मदपुर- बसेड़ा रजवाहा पटरी मार्ग पर पांच माह से निर्माणाधीन पटरी पर काम नहीं चलने से किसानों में रोष है। किसानों ने ठेकेदार पर लापरवाही से काम करने का आरोप लगाया है। ठेकेदार सहदेव ने बताया कि तारकोल की समस्या थी, जल्द काम कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के जेई विकास तोमर ने बताया कि इस मार्ग पर अगले दो दिन में काम शुरू हो जाएगा। कार्य में बरसात से बाधा आ रही थी।