मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिले में मंगलवार की सुबह इस सर्दी के मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो इस वर्ष अब तक का सबसे कम तापमान है।
सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई। हवा की रफ्तार 8 किलोमीटर प्रति घंटा रहने के बावजूद कोहरे की मोटी चादर ने सड़कों को पूरी तरह ढक लिया, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई।
कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही और हाईवे तथा मुख्य सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी देखी गई। स्कूल पूरी तरह बंद रहे, जबकि कार्यालय जाने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आवश्यक होने पर ही घर से निकलें और फॉग लाइट्स का उपयोग करें।
कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो गई है।
कोहरे के साथ-साथ वायु गुणवत्ता भी चिंताजनक बनी हुई है। आज सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 228 दर्ज किया गया, जो ‘अस्वस्थ’ श्रेणी में आता है। PM2.5 और PM10 के स्तर में वृद्धि से सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से ग्रस्त लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि ऐसे मौसम में बाहर निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य है और शरीर को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनने चाहिए।
मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रह सकती है, हालांकि हल्की बारिश या बादलों की आवाजाही से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सड़क हादसों से बचने के लिए धीमी गति से वाहन चलाने, हॉर्न का ज्यादा इस्तेमाल न करने और इमरजेंसी में हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। ठंड से बचाव के लिए गरम चाय, सूप और पौष्टिक भोजन का सेवन करने की सिफारिश की जा रही है।लेकिन फिलहाल जनजीवन प्रभावित है। लोग घरों में अलाव जलाकर या हीटर चलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं।
बाजारों में गर्म कपड़ों, कंबलों और हीटर की मांग बढ़ गई है।प्रशासनिक अधिकारी देर रात सड़कों पर लगातार घूम कर रेन बसेरो का निरीक्षण अलाव पॉइंट को चेक किया जा रहा है प्रशासन की तरफ से गरीब व ऐसा है लोगों को कंबल वितरण किया जा रहे हैं वह सामाजिक संस्थाएं भी लगातार ठंड के बचाव हेतु कंबल वितरण कर रही है डीएम उमेश मिश्रा के सख्त निर्देश हैं कोई भी खुले आसमान के नीचे सड़क में सोता ने पाया जाए रेन बसरों के जिले में व्यवस्था उनको वहां पर शिफ्ट किया जाए।
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