मुजफ्फरनगर: मेरठ के बाद अब मुजफ्फरनगर का छपार टोल प्लाजा चर्चा में आ गया है। यहां ड्यूटी के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि टोल प्रबंधन के डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय की अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने वारदात में शामिल तीन आरोपियों को शुक्रवार की देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से दो को पैर में गोली लगी है।
भौराकलां थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर रायसिंह निवासी शुभम और शिव मलिक हाल ही में छपार टोल प्लाजा पर नौकरी पर लगे थे। गुरुवार देर रात दोनों परिसर में शराब पी रहे थे। इस दौरान टोल मैनेजर मुकेश चौहान और डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय ने उन्हें रोकते हुए पुलिस वेरिफिकेशन के कागजात भी मांगे। इससे दोनों भड़क गए और अभद्रता करने लगे। हालांकि मामला फिलहाल वहीं शांत हो गया।
रात 2 बजे गेस्ट हाउस में घुसकर हमला
रात करीब 2 बजे आरोपी अपने साथियों संग कार से वापस टोल प्लाजा पहुंचे। यहां गेस्ट हाउस में सो रहे मैनेजर और डिप्टी मैनेजर पर अचानक हमला बोल दिया। दोनों अधिकारियों के साथ जमकर मारपीट की गई।
ठेकेदार ने पुलिस से शिकायत की
छपार टोल प्लाजा के ठेकेदार विनोद मलिक ने शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पूरी घटना की पूरी जानकारी दी। एसएसपी के आदेश के बाद मुकद्दमा दर्जकर आरोपियों को पकड़ने के लिए छापामारी की गई ।
अपहरण कर हत्या, शव झाड़ियों में फेंका
मारपीट के दौरान आरोपियों ने डिप्टी मैनेजर अरविंद पांडेय को जबरन कार में डाल लिया और मौके से फरार हो गए। बाद में उनकी हत्या कर शव को मेरठ जिले के जानी थाना क्षेत्र में भोला झाल के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया। शुक्रवार शाम पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान शव बरामद कर लिया।
पुलिस मुठभेड़ में दबोचे गए आरोपी
शुक्रवार देर रात पुलिस की बदमाशों से पानीपत-खटीमा मार्ग पर फ्लाईओवर के नीचे मुठभेड़ हो गई। बदमाशों ने फायरिंग की तो पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसमें शुभम चौधरी और शेखर के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा आरोपी प्रदीप भी धर दबोचा गया। उनके पास से वारदात में प्रयुक्त अर्टिगा कार और हथियार बरामद किए गए।