मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर में नशीली दवाइयों की सप्लाई करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। थाना खालापार पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा, जिनकी गिरफ्तारी ने पूरे “कैप्सूल गैंग” का भंडाफोड़ कर दिया।
SP सिटी अमृत जैन द्वारा पुलिस लाइन में स्थित सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि मामला 10 मई का है, जब मिनाक्षी चौक पर पुलिस टीम वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान स्कूटी पर एक कार्टून लेकर जा रहे दो युवकों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शहर के नई मंडी थाना क्षेत्र के गांधीनगर में एक मकान को गोदाम बनाकर बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयों का स्टॉक रखा जाता है, जहां से पूरे इलाके में सप्लाई की जाती है। इस मामले में कुल 6 लोग अनन्त पुत्र कर्मवीर निवासी मोहल्ला गाँधीनगर, मोहित पाल पुत्र सुरेश पाल निवासी जनकपुरी, अंकित पुत्र नरेश कुमार निवासी भोकरहेड़ी, सलीम पुत्र अहसान निवासी गढ़ी रसूलपुर, नवांश पुत्र सराफत निवासी गढ़ी रसूलपुर, सुमित पुत्र रमेश चन्द निवासी जनकपुरी गिरफ्तार किए गए, खतौली निवासी दवा कारोबारी अश्वनी फरार है।
SP सिटी अमृत जैन ने आगे बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल छापा मारा और मौके से चार अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया। पुलिस ने वहां से 22 कार्टून में भरे 4,72,800 नशीले कैप्सूल बरामद किए, जिनकी कीमत करीब 28 लाख रुपये बताई जा रही है।
उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और खतौली निवासी एक सप्लायर से ब्लैक में दवाइयां खरीदकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचता था। इन कैप्सूलों का इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है, जिससे युवाओं में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही थी।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार सप्लायर की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित कनेक्शनों की भी जांच की जा रही है।