मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठंड का प्रकोप जारी है। मुजफ्फरनगर में शुक्रवार रात से घना कोहरा छाने लगा, जिससे दृश्यता शून्य हो गई। बढ़ते ठंड को देखते हुए जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को 24 घंटे सड़कों पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार 19 दिसंबर को अधिकतम तापमान 23°C और न्यूनतम 9°C दर्ज किया गया था। शनिवार 20 दिसंबर को अधिकतम तापमान 23-24°C और न्यूनतम 9-10°C के आसपास रहा। ठंड का असर लगातार बना हुआ है।
जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 255 के साथ ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। इसके चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी शिकायतें हो रही हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 से 20 दिसंबर तक के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर से कम या शून्य तक दर्ज की गई।
बढ़ती ठंड के मद्देनजर मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सड़कों पर न सोए, और यदि कोई पाया जाता है तो उसे तत्काल रैन बसेरे तक पहुंचाया जाए।
डीएम ने अधिकारियों को रैन बसेरों के पास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क बनाए रखने और एंबुलेंस के साथ समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया। यदि किसी की तबीयत ठंड के कारण बिगड़ती है, तो उसे तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
ठंड के कारण मुजफ्फरनगर जनपद में सभी स्कूलों के खुलने का समय सुबह 10:00 बजे कर दिया गया है। आगामी दिनों में छोटे बच्चों के स्कूलों की छुट्टियां भी घोषित की जा सकती हैं।