मलिहाबाद। रोजी-रोटी की तलाश में 28 साल पहले घर से निकले एक व्यक्ति को बंधक बनाकर जानवरों का चारा कराया जाता रहा। एक सामाजिक कार्यकर्ता की मदद से मुक्त होने के बाद वह अपने गांव रहीमाबाद लौटा। यह मामला रहीमाबाद थाना क्षेत्र के रूसेना खेड़ा गांव का है।
दरअसल, 28 वर्ष पूर्व शिवनाथ अर्कवंशी (पुत्र स्वर्गीय परमेश्वर) काम की तलाश में मुजफ्फरनगर गए थे। वहां से एक व्यक्ति उन्हें अच्छे काम का झांसा देकर मेरठ ले गया। मेरठ में उन्हें बंधक बनाकर जानवरों को चारा खिलाने के लिए मजबूर किया गया।
इतने वर्षों बाद, एक समाजसेवी ने शिवनाथ को वहां से मुक्त कराया। उन्होंने शिवनाथ को 500 रुपये दिए और ट्रेन में बिठाकर लखनऊ के लिए रवाना किया।ट्रेन से लखनऊ पहुंचने के बाद शिवनाथ पैदल ही अपने गांव रूसेना खेड़ा पहुंचे। रविवार सुबह करीब 7 बजे घर पहुंचने पर उन्हें देखकर उनकी माता कलावती और छोटे भाई वीरेंद्र अर्कवंशी ने गले लगा लिया।
शिवनाथ के लौटने की खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। फिलहाल, शिवनाथ की उम्र 45 वर्ष बताई जा रही है।