मुजफ्फरनगर में नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बसने से खुलेंगे रोजगार के द्वार

मुजफ्फरनगर। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र ने नया औद्योगिक गलियारा बसाने की कवायद आरंभ की है, लेकिन अभी जमीन नहीं मिली है। हालांकि पुरकाजी के खादर क्षेत्र में भूमि तलाशी जा रही है।

यहां पर उत्तराखंड की प्राइवेट कंपनी लगभग 30 एकड़ भूमि में औद्योगिक गलियारा (Industrial Corridor) विकसित करेगी। इससे जिले के निवेश में कंपनी बड़ी भागीदार बनेगी। कंपनी के अधिकारियों ने डीएम से मिलकर अपनी रूपरेखा बताई है।

इंवेस्टर्स समिट के तहत जिले में उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है। जिले में पांच हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य दिया गया है। इसमें जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र ने दिल्ली-एनसीआर की इलेक्ट्रिक, होटल, ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित किया है। इनके माध्यम से लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश यहां पहुंच गया है।

इन कंपनियों ने अपने निवेश संबंधित कागजात विभाग को दिए हैं। इन्हें इंवेस्टर्स समिट में रखा जाएगा। निवेश के रास्ते खुलने से रोजगार बढ़ेगा। जिनमें एक हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार दिया जा सकता है।

वर्तमान और भविष्य की जरूरत को लेकर नया उद्योग गलियारा बसाने की तैयारी है। इसके लिए पुरकाजी के गांव मांडला में 30 एकड़ भूमि देखी गई, लेकिन बात नहीं सकी है। भूमि नहीं मिलने से निवेश की राह मुश्किल हो रही है।

उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार के रुड़की की ग्लोबल इलेक्ट्रिक कंपनी ने पुरकाजी के गांव मांडला में 30 एकड़ भूमि में नया औद्योगिक गलियारा बसाने के लिए हाथ बढ़ाए हैं।

सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार ने बताया कि पुरकाजी के गांव मांडला में जो कंपनी औद्योगिक गलियारा बसाने का प्रस्ताव लेकर आई है, वह सोलर युक्त इन्वर्टर का निर्माण करेगी। यहां पर औद्योगिक गलियारा विकसित करने के बाद दूसरे छोटे-छोटे उद्योगों को एक स्थान मिल सकेगा।