जापानी पीएम की खुशी ने सब कह दिया, दुनिया के सबसे बड़े कारखानों में शुमार होगा भारत का ये प्‍लांट

नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम’ के दौरान मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड की आईएमटी खरखौदा, हरियाणा स्थित सबसे आधुनिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान में उनकी समकक्ष सनाए तकाइची ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका शुभारंभ किया। यह भारत में कंपनी के चार दशकों से अधिक के सफर में बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्‍थर है। भारत-जापान की साझेदारी को यह और मजबूत करता है। इस मौके पर जापान की पीएम बेहद खुश दिखाई दीं।

इस अवसर पर सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (एसएमसी) के रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर और प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुजुकी और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) के एमडी और सीईओ हिसाशी ताकेउचि के साथ भारत सरकार के कई गणमान्य अधिकारी मौजूद थे।

दुनिया के सबसे बड़े वाहन कारखानों में होगा शुमार
सालाना 10 लाख यूनिट की पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद यह फैसिलिटी दुनिया भर के सबसे बड़े व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज में से एक होगी।

सालाना 40 लाख यूनिट उत्पादन करने की कंपनी की बड़ी महत्वाकांक्षा को पूरा करने में एक मुख्य भूमिका निभाएगी। इस फैसिलिटी में कुल अनुमानित निवेश 35,000 करोड़ रुपये होगा। इससे 21,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी।

क्षमता बढ़कर हो जाएगी 10 लाख यूनिट
इस मौके पर सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर और प्रेसिडेंट तोशिहिरो सुजुकी ने कहा, ‘सुजुकी ग्रुप के लिए आज यह बेहद गर्व और सम्मान की बात है कि हरियाणा के खरखौदा में हमारी सबसे आधुनिक कार मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी और सनाए तकाइची के हाथों हुआ। इसकी मौजूदा 5 लाख यूनिट की क्षमता को आगे बढ़ाकर 10 लाख यूनिट किया जाएगा। इससे यह दुनिया के सबसे बड़े कार प्लांट्स में से एक बन जाएगा। यह ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और भारत-जापान की साझेदारी की सफलता का बड़ा प्रमाण है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिल रहे अनुकूल नीतिगत माहौल की वजह से सुजुकी ‘विकसित भारत’ की ओर निवेश, रोजगार, एक्सपोर्ट और नई तकनीकों को और तेजी से आगे बढ़ा रही है।’

भारत के महत्व पर दिया जोर
सुजुकी ने आगे कहा, ‘बीते वर्षों में सुजुकी ग्रुप के भीतर भारत का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है। सुजुकी के पहले बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (बीईवी) e VITARA का निर्माण विशेष रूप से मारुति सुजुकी के गुजरात प्लांट में किया जा रहा है। इसे दुनिया भर के 100 देशों में एक्सपोर्ट किया जाएगा। भारत में बनी कारों के एक्सपोर्ट की बदौलत सुजुकी आज जापान में सबसे बड़ी कार इंपोर्टर बन गई है, जो कि दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण और बड़ी मांग वाले ऑटोमोबाइल बाजारों में से एक है। यह बदलाव इस बात का मजबूत प्रमाण है कि कैसे ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का सपना हकीकत में बदल रहा है, जो भारत की क्वालिटी, क्षमता और मैन्युफैक्चरिंग की प्रगति पर दुनिया के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।’

खरखौदा फैसिलिटी की खास बातें
खरखौदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को ‘सुजुकी स्मार्ट फैक्ट्री’ के कॉन्सेप्ट पर बनाया गया है। यह फैसिलिटी आधुनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी का फायदा उठाती है। इससे सभी कामकाजों की रियल-टाइम निगरानी हो पाती है। इससे सुरक्षा, क्वालिटी और प्रोडक्टिविटी में सुधार होता है। साथ ही मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं के दौरान ऊर्जा की कम-से-कम खपत होती है।

अपनी भविष्य की तैयारियों को और मजबूत करते हुए यह प्लांट इंडस्ट्री 5.0 की पद्धतियों को शामिल करता है। इसमें इंसानों के साथ मिलकर काम करने वाले रोबोट्स यानी ‘ह्यूमन-अवेयर कोलैबोरेटिव रोबोट्स’ (कोबोट्स) को तैनात किया गया है। यह इंसानों और मशीनों के बीच बिना किसी रुकावट के तालमेल बनाने में मदद करता है ताकि क्वालिटी और कामकाज में वैश्विक मानक हासिल किए जा सकें।

प्लांट के कामकाज में रिन्यूएबल एनर्जी का समावेश
फैसिलिटी की बिजली की 100% जरूरतें रिन्यूएबल एनर्जी (सोलर पावर और ग्रीन पावर खरीद के मेल से) के जरिए पूरी की जाती हैं। वर्तमान में यह 20 MWp की स्थापित सोलर क्षमता के साथ काम कर रही है। इसे 2030 तक बढ़ाकर 70 MWp करने का लक्ष्य रखा गया है। रिन्यूएबल एनर्जी के प्रति यह कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। इस प्रयास को और आगे बढ़ाते हुए यहां एक 10 TPD का बायोगैस प्लांट और 1 MWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी लगाया जा रहा है।

जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सुविधा
संसाधनों के जिम्‍मेदारी पूर्वक इस्तेमाल पर ध्यान देते हुए यह फैसिलिटी ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ प्लांट के रूप में काम करती है। प्‍लांट पानी की 100% रीसाइक्लिंग सुनिश्चित करता है। इसकी पानी की कुल जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा रीसायकल किए गए पानी और रेनवाटर हार्वेस्टिंग से पूरा होता है।

इसके अलावा, वाहनों के ट्रांसपोर्टेशन में सड़क की भीड़भाड़ को कम करने और ईंधन की खपत को बचाने के लिए खरखौदा फैसिलिटी के अंदर ही एक इन-प्लांट रेलवे साइडिंग स्थापित की जाएगी। ऐसी सुविधा कंपनी के मानेसर (हरियाणा) और हंसलपुर (गुजरात) स्थित व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में पहले से ही संचालित है।