शांति वार्ता के बीच समंदर में बारूद! US सेना ने उड़ाए ईरानी ड्रोन; होर्मुज स्ट्रेट में हाई अलर्ट

US-Iran Peace Talks: मिडिल ईस्ट से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं. एक तरफ जहां पर्दे के पीछे शांति की बातें चल रही थीं, वहीं दूसरी तरफ समंदर के ऊपर बारूद बरस रहा था. ताजा जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने एक बड़े सैन्य ऑपरेशन में ईरान के कई खतरनाक ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ (जिन्हें सुसाइड या आत्मघाती ड्रोन भी कहा जाता है) को हवा में ही ढेर कर दिया. ये सभी ईरानी ड्रोन बेहद तेजी से रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की ओर बढ़ रहे थे.

इस पूरी घटना ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञों को गहरे असमंजस में डाल दिया है. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि यह आसमानी भिड़ंत ठीक ऐसे समय में हुई है जब महज कुछ घंटों पहले वॉशिंगटन और तेहरान, दोनों ही देशों ने बड़े बड़े दावे किए थे. दोनों पक्षों की ओर से कहा गया था कि उनके बीच चल रही बैक-चैनल शांति वार्ता में काफी अच्छी प्रगति हो रही है. लेकिन इस ताजा सैन्य टकराव के बाद अब ये साफ हो गया है कि दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई कितनी गहरी है. नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले सूत्र ने खुलासा किया कि अमेरिकी खुफिया तंत्र को इन ड्रोनों की भनक वक्त रहते लग गई थी.

ग्लोबल ट्रेड पर मंडराया संकट
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ये ड्रोन अपने मिशन में कामयाब हो जाते तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका लग सकता था. सूत्र ने पुष्टि की है कि ईरान के इन सुसाइड ड्रोनों से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय ‘कमर्शियल ट्रैफिक’ (व्यावसायिक मालवाहक जहाजों) को सीधा और बेहद गंभीर खतरा था. गौरतलब है कि दुनिया का एक-तिहाई तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है.

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने साफ कर दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. फिलहाल इस घटना के बाद होर्मुज के पूरे इलाके में अमेरिकी और ईरानी नौसेनाएं आमने-सामने आ गई हैं और हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.