ऐसे समय में जब संसद में अमित शाह vs राहुल गांधी की जोरदार डिबेट और नोकझोंक की चर्चा है, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, कांग्रेस पार्टी के भीतर से ही नेतृत्व को लेकर सवाल उठाया गया है. एक वरिष्ठ मुस्लिम नेता ने साफ कहा है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व गलत हाथों में हैं. ओडिशा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद मोकिम ने पार्टी को फिर से मजबूती के साथ खड़ा करने के लिए ढांचागत, संगठनात्मक और वैचारिक बदलाव की मांग की है. सोनिया गांधी को लिखे पत्र में कटक-बाराबती के पूर्व विधायक ने कहा कि हमारी लीडरशिप ही ठीक नहीं है, इस कारण टॉप लीडरशिप कार्यकर्ताओं से दूर हो चुकी है और युवाओं से जुड़ नहीं पा रही है, इससे कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है.
मोकिम ने कहा कि 83 साल के मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में पार्टी युवाओं के साथ कनेक्ट नहीं हो पा रही है. ऐसे में कांग्रेस लीडरशिप और भारत के युवाओं के बीच डिसकनेक्ट बढ़ता ही जा रहा है. कोई तालमेल नहीं है. मुस्लिम नेता ने आगे कहा कि वह तीन साल तक राहुल गांधी से मिलने की कोशिश करते रहे लेकिन मिल नहीं पाए. मोकिम ने कहा कि जबकि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी के समय में नेताओं को प्रोत्साहित किया जाता था. उनकी बात सुनी जाती थी और उन्हें तवज्जो दी जाती थी.
गलतियां सुधार नहीं रहे, पूरे देश में कर रहे
उन्होंने आगे कहा कि कई राज्यों में पार्टी की चुनावी हार गहरे संगठनात्मक जुड़ाव की कमी को दिखा रही है. उन्होंने कहा, ‘गलत फैसलों की पूरी श्रृंखला है, लीडरशिप की च्वाइस भी ठीक नहीं और गलत हाथों में लगातार कमान रहने से पार्टी को अंदर से कमजोर किया जा रहा है. इन गलतियों को सुधारने के बजाय हम उन्हें दोहराते हुए दिख रहे हैं और इसके परिणाम पूरे देश को दिखाई दे रहे हैं.
लोग पार्टी छोड़ रहे या…
मुस्लिम नेता ने खुलकर लिखा है कि देशभर में पार्टी के वरिष्ठ नेता भाई-भतीजावाद, अंदरूनी लॉबिंग और पहचान की कमी के कारण निराश महसूस कर रहे हैं. मोकिम ने कहा कि इस कारण कई लोगों ने पार्टी ही छोड़ दी है, कुछ ऐसे हैं जो विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘यह सिर्फ व्यक्तियों का नुकसान नहीं है, यह संस्थागत बुद्धिमानी और अनुभव का नुकसान है.’
पायलट, रेड्डी, शिवकुमार, थरूर का जिक्र
आखिर में मोकिम ने सोनिया गांधी को सुझाव दिया है कि कांग्रेस नेता और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी को केंद्र में स्पष्ट और सक्रिय नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए. इसके साथ-साथ उन्होंने सचिन पायलट, डी के शिवकुमार, रेवंत रेड्डी और शशि थरूर के लिए मुख्य नेतृत्व की भूमिकाओं की वकालत की. इसके पीछे उन्होंने तर्क रखा है कि इन नेताओं में युवाओं को प्रेरित करने और संगठित करने के लिए जरूरी अपनापन, ऊर्जा और जुड़ाव है.
इसके अलावा उन्होंने ओडिशा में पार्टी की स्थिति का जिक्र करते हुए लिखा कि 2000 से पार्टी छह विधानसभा चुनाव हार चुकी है. मोकिम का कटक में अच्छा राजनीतिक प्रभाव है. जुलाई 2023 में उन्हें सस्पेंड किया गया था, बाद में जनवरी 2024 में फैसला वापस ले लिया गया. एक मामले में घिरने के कारण वह चुनाव नहीं लड़ पाए, पार्टी ने उनकी बेटी सोफिया फिरदौस को लड़ाया, जो 8,000 वोटों से जीतीं.