अगला ‘गाजा’ बनेगा बांग्‍लादेश! ऐसी बिगड़ी है कुंडली टुकड़े-टुकड़े हो जाएगा देश, भारत पर भी होगा असर

Bangladesh Crisis : बांग्लादेश में दीपूचन्द्र दास की हत्या के बाद स्थिति और बिगड़ गई है. भारत के साथ बांग्‍लादेश के बिगड़ते रिश्‍तों में यह ताबूत की आखिरी कील जैसा है. इससे पहले भी बीते साल बांग्‍लादेश में हिंदुओं का भारी कत्‍लेआम मचा. भारत के इस पड़ोसी मुल्‍क में जो राजनैतिक अस्थिरता बनी हुई है, वह उसे पतन की ओर ले जाती नजर आ रही है. ज्‍योतिष की नजर से भी बांग्‍लादेश का भविष्‍य भयंकर नजर आ रहा है. आलम यह है कि बांग्‍लादेश टुकड़ों में टूट सकता है या युद्ध में ऐसा झुलसेगा कि अगला ‘गाजा’ भी बन सकता है.

भरेगा बांग्‍लादेश के पाप का घड़ा
शनि मीन राशि में हैं और इस कतई अच्‍छा नहीं कहा जा सकता है. उस पर गुरु अतिचारी चाल चल रहे हैं. 2025 से 2030 तक का समय ऐसा है जो पूरी दुनिया का भूगोल बदल सकता है. जिसकी शुरुआत हो ही चुकी है. इसका असर जलवायु परिवर्तन से लेकर आतंकवाद, विघटनकारी शक्तियों तक पर पड़ेगा. अशांति फैलाने वाले देशों का पतन होगा. फिर चाहे वह पाकिस्‍तान हों या बांग्‍लादेशन. यानी कि बांग्‍लादेश के पाप का घड़ा भरने का समय अब नजदीक है.

बांग्‍लादेश की कुंडली के बिगड़े ग्रह
बांग्लादेश की स्थापना कुंडली (16 दिसंबर 1971) का विश्‍लेषण करें तो इसका वृषभ लग्न है. ज्‍योतिष के अनुसार वर्तमान में बांग्लादेश की कुंडली में शनि और राहु का प्रभाव बढ़ रहा है, जो सत्ता परिवर्तन और हिंसा का संकेत देता है. इतना ही नहीं कुंडली के दसवें भाव पर मंगल की दृष्टि होना सेना के बढ़ते हस्तक्षेप का भी संकेत देती है. उस पर साल 2025 से जून 2027 तक शनि के मीन राशि में गोचर करने के दौरान बांग्‍लादेश की आंतरिक शांति पूरी तरह से भंग होने और बुरी तरह युद्ध होने के आसार हैं.

टुकड़ों में टूटेगा बांग्‍लादेश
इतना ही यह भी आशंका है कि साल 2026 से 2028 के बीच बांग्‍लादेश टुकड़ों में बंट जाएं. आंतरिक गृहयुद्ध के चलते बांग्लादेश दो या तीन हिस्सों में बंट सकता है. साथ ही इसके कुछ हिस्‍से का भारत में भी विलय हो सकता है.

जैसा कि भविष्‍यमालिका ग्रंथ समेत कई भविष्‍यवाणियों में कहा गया है कि भारत फिर से अखंड भारत बनेगा. यह एक महत्‍वपूर्ण भौगोलिक घटना होगा. हालांकि बांग्‍लादेश में सांप्रदायिक हिंसा बढ़ने से भारत में बड़ी संख्‍या में शरणार्थी आ सकते हैं और इसका दबाव भारत पर कई तरीकों से पड़ेगा. वहीं बांग्‍लादेश खुद का अस्तित्‍व बचाने के लिए पूरी तरह चीन की शरण में जाता है तो यह भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है.