नई दिल्ली: दिल्ली की फेज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास देर रात बुलडोजर एक्शन हुआ। तुर्कमान गेट के पास स्थित इस मस्जिद के आसपास अवैध रूप से बनी डिस्पेंसरी और कई दुकानें जमींदोज कर दी गईं। देर रात हुए इस एक्शन के बीच वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस पर जमकर पथराव किया। अब इस मस्जिद से जुड़ी एक पुरानी घटना का जिक्र सामने आ रहा है।
दरअसल, दिल्ली में लाल किले के नजदीक हुए ब्लास्ट का आतंकी सुसाइड बॉम्बर उमर उन नबी धमाके को अंजाम देने से पहले इस मस्जिद में गया था। यहां पर वह पूरे 15 मिनट तक रुका था, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। सीसीटीवी फुटेज में साफतौर पर डॉ. उमर नबी पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट के पास स्थित फेज-ए-इलाही मस्जिद के अंदर जाते और वहां से बाहर आते हुए नजर आया था। बता दें कि फैज-ए-इलाही मस्जिद को तबलीगी जमात की गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
दिल्ली ब्लास्ट के आत्मघाती हमलावर ने यहां से जाने के कुछ घंटों बाद ही दिल्ली के सबसे व्यस्ततम इलाके (लाल किले के पास) अपनी हुंडई आई-20 कार को ब्लास्ट कर लिया था। इस घटना के तार फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े थे, जिसमें एक के बाद एक कई डॉक्टर गिरफ्तार हुए थे, जिनका कनेक्शन दिल्ली से लेकर कश्मीर तक था।
बता दें कि दिल्ली में हुए धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। यह विस्फोट दिल्ली के नेशनल हेरिटेज इलाक नेताजी सुभाष मार्ग, लाल किले के निकट एक ट्रैफिक सिग्नल के पास हुआ था, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। जांच एजेंसियों ने बताया था कि उमर नबी लंबे समय से आतंकी संगठनों के साथ जुड़ा हुआ था। फरीदाबाद में तैनाती के दौरान वह संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय था और दिल्ली-एनसीआर में नेटवर्क खड़ा कर रहा था।