50 बुलडोजर, 70 डंबर और 150 कर्मचारी… दिल्ली में आधी रात को MCD की बड़ी कार्रवाई

Delhi Bulldozer Action: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक अभियान चलाया गया. रामलीला मैदान के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध रूप से बने ढांचों को हटाने के लिए 7 जनवरी तड़के कार्रवाई की गई.

मौके पर 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी थे तैनात
कार्रवाई के दौरान इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया. मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी. एहतियात के तौर पर पुलिस ने मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगा दी और लोगों को आगे बढ़ने से रोका गया. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली के 9 जिलों से DCP स्तर के अधिकारी मौके पर तैनात किए गए थे. इसके अलावा लगभग 1,000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी.

मौके पर पहुंचे 50 से अधिक बुलडोजर
डेमोलेशन अभियान में 50 से अधिक बुलडोजर मशीनें लगाई गईं, जबकि मलबा हटाने के लिए 70 से ज्यादा डंपर तैनात रहे. नगर निगम की ओर से भी करीब 150 से अधिक कर्मचारी इस कार्रवाई में शामिल रहे. वहीं तुर्कमान गेट की ओर बैरिकेडिंग का विरोध करते हुए कुछ लोगों ने नारेबाजी की और अवरोध हटाने की कोशिश की. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रव कर रहे लोगों को पीछे हटाया.

पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले और गैस बुलेट छोड़े गए. इससे पूरे इलाके में धमाके जैसी आवाजें सुनाई दीं. स्थिति को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टीम भी मौके पर पहुंची और पत्थरबाजी कर रहे लोगों को हटाया गया. दिल्ली पुलिस ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी करती रही.

कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि दिसंबर महीने में एमसीडी ने रामलीला मैदान क्षेत्र से अवैध अतिक्रमण हटाने और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे. जांच में सामने आया था कि सरकारी जमीन पर ऐसे निर्माण किए गए हैं, जो स्वीकृत नक्शों में दर्ज नहीं हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद से सटे दवा घर और बारात घर को अवैध करार देते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इसी आदेश के तहत यह अभियान चलाया गया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई.