Iran Allows to Iraq Ships in Hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है. ईरान ने इराक को लेकर ऐसा संकेत दिया है, जो क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है. ईरानी मीडिया के हवाले से बताया गया है कि ईरान ने साफ किया है कि इराक की समुद्री आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस तरह से इस युद्ध ने उन दो देशों को करीब ला दिया है जिनमें युद्ध से पहले काफी दूरी हो गई थी.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच एक अहम खबर सामने आई है. अल जजीरा ने ईरानी मीडिया के हवाले से बताया है कि ईरान ने इराक को लेकर एक खास संकेत दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सेना ने कहा है कि इराक की समुद्री पहुंच प्रभावित नहीं होगी और उसे एक महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे के जरिए आवाजाही की अनुमति मिलती रहेगी. ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ‘खतम अल-अनबिया’ ने साफ किया कि होर्मुज से गुजरने पर लगने वाले किसी भी संभावित प्रतिबंध से इराक को छूट दी जाएगी. यह कमान ईरान के सशस्त्र बलों के बीच तालमेल और रणनीतिक फैसलों के लिए जिम्मेदार मानी जाती है.
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी आधिकारिक बयान जारी किया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि देश की क्षेत्रीय सीमाओं के भीतर समुद्री मार्गों के उपयोग को लेकर स्पष्ट प्रोटोकॉल तय कर दिए गए हैं. इससे संकेत मिलता है कि ईरान इस संवेदनशील क्षेत्र में अपने सहयोगी देशों के लिए कुछ विशेष व्यवस्थाएं बनाए रखना चाहता है. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपने रुख को लेकर एक अहम स्पष्टता दी है.
ईरान ने मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की दी इजाजत
ईरान के एक शीर्ष राजनयिक ने कहा कि जो जहाज किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल नहीं हैं, उन्हें ईरानी जलक्षेत्र से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है. हालांकि, इसके लिए एक शर्त रखी गई है. इन जहाजों को पहले से ईरान के साथ समन्वय स्थापित करना होगा. तेहरान की ओर से यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया.
ट्रंप ने दी ईरान को 48 घंटे की चेतावनी
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के पास 48 घंटे का समय है. या तो वह किसी समझौते पर पहुंचे या फिर रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोल दे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. इन घटनाक्रमों ने पहले से ही संवेदनशील खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है, जहां हर बयान और हर कदम का वैश्विक असर पड़ सकता है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया के ट्रूथ पर जारी किया संदेश
ट्रंप का यह संदेश उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर सामने आया, जिसमें उन्होंने इस्लामिक गणराज्य को एक तरह से आखिरी चेतावनी दी. यह उनके पहले दिए गए 10 दिन के अल्टीमेटम की अंतिम याद दिलाने जैसा था. उस समय ट्रंप ने साफ कहा था कि या तो बातचीत के जरिए किसी समझौते की दिशा में ठोस प्रगति दिखाई दे, या फिर इस बेहद अहम समुद्री मार्ग को दोबारा खोल दिया जाए. इस नए संदेश के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि अब वक्त लगभग खत्म हो चुका है और अमेरिका अपने रुख को लेकर गंभीर है. यह बयान न सिर्फ कूटनीतिक दबाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है, बल्कि इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.
ट्रंप की चेतावनी से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर?
अमेरिकी राजनीति के अपने खास अंदाज़ में डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त और नाटकीय बयान देकर हलचल मचा दी है. उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने तेहरान को समझौते के लिए और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दस दिन का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन अब वह समय तेजी से खत्म हो रहा है. ट्रंप के मुताबिक अब सिर्फ 48 घंटे बाकी हैं, और अगर इस दौरान ईरान ने कोई कदम नहीं उठाया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. अपने बयान के अंत में उन्होंने ‘ईश्वर की महिमा हो’ कहते हुए इसे एक तरह से निर्णायक पल बताया. इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. ऐसे में ट्रंप की यह चेतावनी न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों को प्रभावित कर सकती है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ सकता है.