Viral Reddit Post: एक भारतीय कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया कि उनकी दादी ICU में भर्ती थीं, इसलिए उन्हें ऑफिस से तुरंत निकलना पड़ा. वे पहले से लॉगिन करके वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे, लेकिन 9 बजे रात की एक रूटीन मीटिंग मिस हो गई. कंपनी के डायरेक्टर ने नाराज होकर HR को उनका एक दिन का वेतन काटने का आदेश दे दिया, जिसके बाद इंटरनेट पर ऑफिस कल्चर और संवेदनशीलता को लेकर बड़ी बहस शुरू हो गई.
क्या कर्मचारी ने मैनेजमेंट को बताया नहीं था?
कर्मचारी ने बताया कि उन्होंने अचानक निकलते समय अपने एक सहकर्मी को जानकारी दे दी थी, लेकिन मैनेजमेंट को बताना भूल गए. इसी बीच जब वे अस्पताल में थे, कंपनी के डायरेक्टर ने फोन पर चिल्लाना शुरू कर दिया. कर्मचारी मानसिक रूप से पहले ही तनाव में थे, इसलिए वे जवाब भी नहीं दे पाए. कुछ दिनों बाद उसी कर्मचारी से 16.5 घंटे की लंबी शिफ्ट करवाई गई. थक चुके कर्मचारी ने मैनेजमेंट को मेल लिखकर साफ कहा कि अगर यह 16.5 घंटे की शिफ्ट मिस हुए दिन की भरपाई नहीं करती है तो अब मैं किसी भी स्थिति में शिफ्ट से ज्यादा देर तक काम नहीं करूंगा. इस मेल ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं.
HR ने कर्मचारी को क्या समझाया?
मेल भेजने के बाद HR ने कर्मचारी को फोन किया और कहा कि यह छोटी बात है और उन्हें गुस्सा नहीं होना चाहिए. कर्मचारी ने बताया कि वे अभी नौकरी छोड़ भी नहीं सकते क्योंकि उन पर बॉन्ड है. लेकिन उन्होंने तय कर लिया है कि अब वे सिर्फ उतना ही काम करेंगे जितना जरूरी है और बाकी समय अपनी स्किल्स और साइड हसल पर लगाएंगे.
वायरल पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया आई?
इस पोस्ट के वायरल होते ही लोग कर्मचारी के सपोर्ट में उतर आए. कई लोगों ने उनकी हिम्मत की तारीफ की. एक यूजर ने लिखा, “बेहतरीन जवाब. कम्युनिकेशन हमेशा लिखित में रखना चाहिए.” दूसरे ने सलाह दी, “सही तरह से तैयारी करो, बैकअप बनाओ और फिर नौकरी बदल दो. बॉन्ड की चिंता मत करो.” एक अन्य यूजर ने कहा, “अपनी शिफ्ट के हिसाब से ही काम करो, ज्यादा काम देने लगें तो उसे मना कर दो. ज्यादा से ज्यादा क्या होगा? वे नौकरी से निकाल देंगे. लेकिन जब तक तुम तैयार हो, शांत रहो और अपना समय बचाओ.” एक और ने लिखा, “तुमने बिल्कुल सही किया. अपने मेल पर टिके रहो और उनसे भी मेल पर ही जवाब मांगो.”