IndiGo की मनमानी, DGCA की नाकामी या फिर सरकार की नाफरमानी! कसूरवार कौन ?

IndiGo Crisis Accused: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ( IndiGo) का पूरा सिस्टम क्रैश हो गया. हजारों फ्लाइटें रनवे से उड़ान नहीं भर पाई, पायलट और क्रू मेंबर्स की कमी ने एयरलाइन को ध्वस्त और देशभर में यात्रियों को बंधक बनाकर रख दिया. देशभर के एयरपोर्ट पर यात्री और उनका सामान फंसा है. जिन्होंने जल्दी पहुंचने के लिए इंडिगो की फ्लाइट टिकट बुक की थी, अब वो उसे कोस रहे हैं. बीते 8 दिनों में इंडिगो की 4900 से ज्यादा फ्लाइटें रद्द हुई. एक एयरलाइन ने पूरे देश को ठप कर दिया. अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर उस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है ? क्या इस स्थिति के लिए सिर्फ इंडिगो जिम्मेदार है ? क्या सरकार और DGCA की जिम्मेदारी नहीं बनती ?

इंडिगो संकट के लिए DGCA कितना जिम्मेदार ?
इंडिगो ने मौजूदा संकट के लिए पूरा ठीकरा DGCA के नए नियम फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL), तकनीकी खामी, खराब मौसम, एविएशन सिस्टम में भीड़ और स्टाफ की कमी पर फोड़ दिया . जबकि सरकार ने जवाब दिया कि इस स्थिति के लिए इंडिगो पूरी तरह से जिम्मेदार है, क्योंकि वो नए नियम के तहत शिड्यूल नहीं तय कर पाया. एयरलाइन और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोपों के बीच अब दिल्ली हाईकोर्ट से सरकार को फटकार लगाया है. कोर्ट ने कहा कि जब एयरलाइन फेल हो गई तो सरकार क्या कर रही थी? टिकटों के दाम आसमान कैसे छूने लगे ? इंडिगो संकट के बीच अन्य एयरलाइंस ने इसका फायदा कैसे उठाया? हालात इतने कैसे बिगड़ गए ? न फ्लाइट कम, न पायलट, फिर क्यों कैंसिल हो रहे IndiGo के विमान, क्या एयरलाइन ने खुद किया है खेला ? पर्दे के पीछे की कहानी तो कुछ और निकली

इंडिगो संकट पर जांच के दायरे में DGCA
इंडिगो संकट पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा जब एयरलाइन फेल हो गई थी,तब आपने क्या किया? कोर्ट के दखल के बाद इंडिगो संकट को लेकर अब DGCA भी सरकार के रडार पर आ गया है. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक इंटरव्यू में कहा कि इंडिगो की गड़बड़ी पर सिर्फ एयरलाइन ही नहीं, बल्कि DGCA के कामकाज की भी जांच होगी.

इंडिगो संकट के लिए DGCA कितना जिम्मेदार ?
देश के सबसे बड़े एयरलाइन का पूरा सिस्टम कोलैप्स हो गया और विमान नियामक उसे संभाल नहीं पाया. सारा ठीकरा इंडिगो पर फोड़कर डीजीसीए ने खुद को पाक साफ साबित कर लिया, लेकिन अब उसकी लापरवाही की भी पोल खुल रही है. सरकार एयरलाइन पर तो सख्त कार्रवाई कर रही है. उड़ानों की संख्या घटाई जा रही है, लेकिन DGCA पर चुप्पी साधे बैठी है. सरकार की जिम्मेदारी थी कि वो नए नियम को अपनी निगरानी में लागू करवाए, सिस्टम को लागू करने के पहले उसका ट्रायल ले, ये सुनिश्चित करें कि एयरलाइन नए नियम को लागू करने के लिए तैयार है कि नहीं. एयरलाइन के साथ बैठक कर स्थिति का आकंलन करें, लेकिन डीजीसीए ने स्थिति को बहुत हल्के में ले लिया. दिल्ली सदर बाजार के ट्रैवल एजेंट ने कैसे किया भारत के आसमान पर कब्जा,अब कहां हैं इंडिगो के मालिक राहुल भाटिया, क्यों साध रखी है चुप्पी ?

DGCA और सरकार ने अपना रोल पूरा नहीं किया ?
जिस FDTL नियम को इस पूरे संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, उसे जनवरी 2024 में नोटिफाई किया गया था. 1 नंवबर 2025 को उसे लागू किया गया. बाकी सभी एयरलाइंस ने इस नियम के मुताबिक शिड्यूल तय कर लिया और ऑपरेशन को जारी रखा, लेकिन सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी IndiGo इसके लिए तैयार नहीं हो सकी. इंडिगो को लगा कि उसे डीजीसीए से राहत मिल जाएगी, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो पूरा सिस्टम क्रैश हो गया. अब सवाल ये कि इंडिगो से इसे पूरी तरह लागू क्यों नहीं करवाया गया. जो FDTL नियम दो साल से लागू किया जा रहा है, उसके लिए इंडिगो क्यों तैयार नहीं हुआ ? इतना वक्त होते हुए भी इंडिगो क्यों ऐसा नहीं कर पाया ? जब सरकार और विमान नियामक को ये पता था कि इंडिगो नए नियम के मुताबिक काम नहीं कर रही तो उसने पहले एक्शन क्यों नहीं लिया.

इंडिगो संकट से उठे सवाल ?
1 नवंबर 2025 से लागू हुए नियम के 35 दिन बाद अचानक इंडिगो क्राइसिस कैसे आई ? ये दिखाता है कि इंडिगो ने सरकार पर दवाब बनाने के लिए ये क्राइसिस क्रिएट की और अब वो खुद इस भंवर में फंस गया. वो FDTL के नियमों में राहत चाहती थी, जब राहत नहीं मिली तो उसने पूरा सिस्टम पलट दिया. इंडिगो की स्थिति सरकार को पता होगी, लेकिन बावजूद स्थिति को हाथ से निकलने दिया. नवंबर में इंडिगो ने 1200 से ज्यादा फ्लाइटें रद्द की, लेकिन डीजीसीए की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई. जानकार ये भी मानते हैं कि जिस तरह से एविएशन सेक्टर बढ़ा, DGCA में मैनपावर उस तरह से नहीं बढ़ा, जिसकी वजह से ऑ़डिट ठीक नहीं हो पा रहा है. एक एयरलाइन के ऑडिट के लिए 3 दिन का वक्त मिलता है, इंडिगो के पास 2200 से ज्यादा फ्लाइटें है. सरकार के एविएशन मिनिस्ट्री के पास DGCA के अलावा रेगुलेशन की कोई दूसरी संस्था नहीं है. कुल मिलाकर इंडिगो मामले में सरकार की ओर से पहले अनदेखी हुई और अब जब स्थिति नियंत्रण के बाहर हो गई तो सख्ती दिखाई जा रही है.

क्या है DGCA , क्या काम करती है ?
DGCA यानी Directorate General of Civil Aviation भारत में सिविल एविएशन की मुख्य नियामक संस्था है. 7 मई 2013 को इसका गठन किया गया. ये एयरलाइंस के लिए गाइडलाइंस, उड़ानों के लिए मानक, पायलट की ट्रेनिंग के नियम और लाइसेंस,विमानों की तकनीकी सुरक्षा, एयरलाइंस के लिए लाइसेंसिग का काम करती है. DGCA का काम एयरलाइन और हवाई जहाजों को अनुमति या उन्हें सर्टिफिकेशन देना है. विमान दुर्घटना की स्थिति में उसकी जांच भी इसकी जिम्मेदारी है. उड़ान सुरक्षा की निगरानी, उड़ानों के समय-समय पर निरीक्षण, फ्लाइंग स्कूलों को मान्यता भी इसकी जिम्मेदारी है. कुल मिलाकर कहें तो ये एयरलाइंस की बॉस है.