संसद में अमित शाह और राहुल गांधी में तीखी बहस, इस बात पर भिड़ गए दोनों नेता

Amit Shah and Rahul Gandhi clash in Lok Sabha: संसद के शीतकालीन सत्र में आज का दिन सबसे गर्मागर्म बना हुआ है. जब मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित वोट चोरी पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार SIR को ‘वोट चोरी का औजार’ बताते हुए सरकार पर हमलावर दिखाई दिए. वहीं अमित शाह अपने तीखे जवाबों से उनके आरोपों को ध्वस्त करते नजर आए. उन्होंने कहा कि मेरे भाषण का क्रम क्या होगा, वक्ता होने के नाते यह मैं तय करूंगा. कोई और व्यक्ति इसके लिए मुझे डिक्टेट नहीं कर सकता.

गृह मंत्री मेरे सवालों का क्रमवार जवाब दें- राहुल गांधी
असल में SIR और कथित वोट चोरी पर पिछले 2 दिनों से लोकसभा में चल रही चर्चा का अमित शाह जवाब दे रहे थे. वे राहुल गांधी की ओर से पूर्व में लगाए जा चुके आरोपों का एक-एक करके झूठा साबित करने लगे. तर्कों के साथ दिए जा रहे उनके जवाबों से राहुल गांधी बौखला गए. वे शाह के भाषण के बीच में बार-बार खड़े होकर मांग करने लगे कि गृह मंत्री पहले उनके सवालों का क्रमवार जवाब दें.

मेरे भाषण का क्रम मैं तय करूंगा- अमित शाह
इसी दौरान सदन का माहौल उस वक्त और तनावपूर्ण हो गया, जब राहुल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, ‘पहले ये बिंदु स्पष्ट करिए…’ इस पर अमित शाह तैश में आ गए. उन्होंने अपने तीखे अंदाज में तंज कसते हुए कहा, ‘मेरे भाषण का क्रम मैं तय करूंगा. आप नहीं बताएंगे कि मुझे किस मुद्दे पर कब बोलना है.’ शाह के इतना कहते ही सदन में शोर बढ़ गया. विपक्ष ने जहां शाह के तंज पर कड़ी आपत्ति जताई, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से ठहाके लगने लगे.

‘कांग्रेस आरोप लगाती है लेकिन’
इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने दोनों पक्षों को शांत करके सीटों पर बिठाया और गृह मंत्री से अपना जवाब जारी रखने को कहा. गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस SIR को लेकर लगातार भ्रम फैला रही है. वह चुनाव सुधार से जुड़े इस अभियान को अपनी थोथी राजनीति का हथियार बना रही है. उन्होंने कहा कि SIR पारदर्शिता बढ़ाने वाला कदम है, न कि किसी भी तरह का षड्यंत्र. शाह ने दावा किया कि कांग्रेस आरोप लगाती है, पर सबूत कभी नहीं देती.

‘अपनी हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ रहा विपक्ष’
उनके भाषण के बीच विपक्षी सदस्य बार-बार बीच में टोकते रहे, लेकिन शाह अपने अंदाज़ में डटे रहे. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा स्वागत योग्य है, लेकिन भाषण का प्रवाह बाधित करना और सरकारी प्रक्रियाओं को बदनाम करना सिर्फ भ्रम की राजनीति है. अमित शाह ने ईवीएम के मुद्दे पर भी विपक्ष को आईना दिखाया. उन्होंने कहा कि देश में ईवीएम की शुरुआत राजीव गांधी सरकार ने की थी. इसी ईवीएम से उन्होंने कई चुनाव जीते लेकिन अब जनता उन्हें पसंद नहीं कर रही है तो वे ईवीएम को खराब बताकर ठीकरा फोड़ रहे हैं.