सुलतानपुर। यूपी के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कार में कपल के रोमांस का CCTV से वीडियो बनाने का मामला सामने आया था। इसमें ‘एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ATMS) के पूर्व मैनेजर आशुतोष सरकार को गिरफ्तार किया गया था। उसने पुलिस को अलग ही कहानी बताई।
उसने बताया- ढाई साल में इस तरह के हजारों मामले (वीडियो सीसीटीवी में रिकॉर्ड) सामने आए, लेकिन उसने एक भी वीडियो वायरल नहीं किया। जो वीडियो वायरल हुआ, उसे टोल पर काम करने वाले एक पूर्व कर्मचारी ने किसी ड्राइवर को दिया था।
इधर, एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) का काम देखने वाली ठेका कंपनी ने आशुतोष सरकार के अलावा सिस्टम टेक्नीशियन आशुतोष तिवारी, ट्रैफिक मैनेजर शशांक शेखर और सिस्टम इंजीनियर प्रमोद कुमार को नौकरी से निकाल दिया है।
चारों के खिलाफ FIR करने के लिए पुलिस को लेटर भी लिखा है। मंगलवार रात IG अयोध्या, SP सुल्तानपुर और यूपीडा के अफसर मौके पर पहुंचे और टोल कर्मचारियों से पूछताछ की। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 93 किमी के पास कार में रोमांस करते नवविवाहित दंपती का वीडियो सीसीटीवी से रिकॉर्ड किया गया था।
पहले जानिए पूरा मामला 25 दिसंबर को आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे एक कपल का कार में रोमांस का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था। 2 दिसंबर को सीएम योगी, सुल्तानपुर डीएम-एसपी को इसकी लिखित शिकायत हुई। इसमें बताया गया कि आशुतोष सरकार ने एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी से नवविवाहित जोड़े का वीडियो बनाया और 32 हजार रुपए वसूले। शिकायत में इसी तरह की 3 और घटनाओं का जिक्र किया गया।
इसके बाद ATMS का काम देख रही सुपर-वेव कम्युनिकेशन एंड इंफ्रा सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (SCIPL) कंपनी ने बैक डेट में आशुतोष सरकार को टर्मिनेट कर दिया। 9 दिसंबर को पुलिस ने आशुतोष सरकार को गिरफ्तार कर लिया और FIR दर्ज की।
थाने में आरोपी आशुतोष सरकार से पुलिस के सवालों का जवाब देता हुआ।
अब पढ़िए आरोपी पूर्व मैनेजर ने पुलिस को क्या बताया आशुतोष सरकार ने पुलिस को बताया कि उन लोगों (पूर्व कर्मचारी) ने मुझसे कहा कि तुम हमारी शिकायत क्यों करते हो? कभी कहते हो ड्यूटी में सो जाते हैं, कभी कहते हो देर से आते हैं। इन्हीं सब वजहों से हमें निकाल दिया गया। किसी को एक साल के लिए, तो किसी को 6 महीने के लिए हटाया गया। इसलिए अब हम कहते हैं कि अगर हम नौकरी नहीं करेंगे, तो तुम भी नौकरी नहीं कर पाओगे।
तब मैंने उनसे कहा कि हमने आपको नहीं निकाला। आपको कंपनी ने, यानी थर्ड पार्टी ने निकाला है। आप लोग सीधे नहीं बोलते, किसी और के माध्यम से बात करते हैं।
हमारे साथ 3 ऐसे लोग हैं, जिनके पास वीडियो एक्सेस रहता है। इनमें से दो ने कहा कि हमने कुछ नहीं किया। लेकिन, शशांक शेखर नाम के एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि उसने एक व्यक्ति को वीडियो दिया था।
ढाई साल में ऐसे हजारों मामले आए होंगे, लेकिन आज तक एक भी वीडियो लीक नहीं हुआ। सर, हमने वीडियो लीक नहीं किया। हमारे साथ काम करने वालों ने ही हमारा फायदा उठाया और वीडियो लीक कर दोष हम पर लगा दिया। मैं पहले भी पुलिस को प्रार्थना-पत्र देने वाला था। इसकी जांच होनी चाहिए कि यह काम कौन कर रहा?
इस पर पुलिस ने पूछा- फिर आपने आवेदन क्यों नहीं दिया? आशुतोष सरकार ने कहा- हम लोग इसी प्रयास में लगे रहे कि वीडियो वायरल न हो, मामला आगे न बढ़े। इसीलिए शिकायत नहीं की। हमारे साथी शशांक शेखर ने ही वीडियो वायरल किया है। उसने खुद बताया कि हां, मैंने वीडियो दिया है। मैंने उससे पूछा कि तुमने ऐसा क्यों किया? अब तो वीडियो वायरल हो रहा है।
इसके बाद आशुतोष ने पुलिस को शशांक शेखर का एक ऑडियो सुनाया। जिसमें साफ आवाज में शशांक कहता है कि मैं बिल्कुल श्योर हूं। जिसको मैंने वीडियो दिया, वह इसे किसी और को वायरल नहीं करेगा। मैंने वह वीडियो एक ड्राइवर को दिया था।
इस पर पुलिस ने पूछा- आपने नोटिस किया होगा कि वीडियो जूम करके बनाया गया? इस पर आशुतोष ने बताया- जब कोई गाड़ी टोल पर खड़ी होती है, तो उस पर जूम करके देखा जाता है कि गाड़ी में कोई दिक्कत तो नहीं। अगर कोई समस्या दिखे, तो उसका फोटो खींचकर ग्रुप में भेजते हैं। इसलिए जूम किया गया। अगर सीसीटीवी में गाड़ी पंक्चर दिखे या कोई और समस्या दिखे, तो हम ग्रुप में डालते हैं कि इस गाड़ी में यह खराबी है।
पुलिस ने पूछा- जब आपकी टीम ने जूम किया और पता चल गया कि कपल है और अश्लील हरकत कर रहे हैं। तो फिर और जूम करने की क्या जरूरत थी?
जवाब दिया- सर, ऐसे हजारों मामले आते हैं। हम ऐसे मामलों की सूचना पुलिस को देते हैं और पुलिस आगे की कार्रवाई करती है।
टोल प्लाजा, जहां पर सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रूम बना है।
थाना प्रभारी ने कहा- गाड़ी मालिक से बात हुई है इसी दौरान थाना प्रभारी तरूण पटेल ने बताया कि इन लोगों ने जो वीडियो वायरल किया, उसमें गाड़ी का नंबर साफ दिख रहा था। नंबर के आधार पर जब मैंने गाड़ी मालिक से बात की तो उन्होंने बताया- सर, ऐसी कोई बात नहीं। मैं वहीं गाड़ी लेकर खड़ा था। मेरी पत्नी प्रेग्नेंट है, उसे थोड़ी तकलीफ थी, इसलिए मैं उसके साथ था। ये लोग ही मेरे पास आए थे और पूछ रहे थे कि क्या दिक्कत है? मैंने बताया कि पत्नी को परेशानी है। इसके लिए मैंने तो उन्हें धन्यवाद भी दिया था।
कंट्रोल रूम से पूरे एक्सप्रेस-वे की निगरानी सुल्तानपुर मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर हलियापुर टोल प्लाजा है। यहां से एक किलोमीटर दूर हलियापुर थाना है। टोल प्लाजा से रोजाना करीब 2000 वाहनों की आवाजाही होती है। इनमें से करीब एक हजार कारें निकलती हैं। टोल के बाईं तरफ बनी दो मंजिला बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर कंट्रोल रूम है।
यहीं से सुल्तानपुर से गाजीपुर तक 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सीसीटीवी की 24 घंटे मॉनिटरिंग होती है। एक शिफ्ट में 6-8 कर्मचारी रहते हैं और 3 शिफ्ट में लगातार ड्यूटी चलती है। सिर्फ 3 लोगों को सीसीटीवी की एक्सेस थी। यानी सिर्फ यही लोग फुटेज ले सकते थे। इनमें आशुतोष भी था।
‘एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’, जहां से एक्सप्रेस-वे की निगरानी होती है।
लोग बोले- आशुतोष रोज ऐसे वीडियो लाता था हलियापुर बाजार में चौराहे पर हमारी मुलाकात सोनू सिंह से हुई। उन्होंने खुलकर कहा कि चर्चाएं काफी पहले से चल रही हैं। हाल ही में वीडियो वायरल की चर्चा ज्यादा तेज हुई। गांव की महिलाओं और लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं।
स्थानीय निवासी रणविजय ने कहा- यहां के वीडियो अक्सर वायरल होते रहते हैं।
स्थानीय निवासी रणविजय सिंह कहते हैं- अक्सर वीडियो वायरल करने और वसूली के मामले सामने आते हैं। ये लोग यही काम करते हैं। वहीं आरपी सिंह ने बिना झिझक कहा- आशुतोष बहुत गंदा आदमी है। रोज 3-4 एक्सीडेंट या अश्लील वीडियो मोबाइल में लेकर आता था और लोगों को दिखाता था। उसके फोन में ऐसे सैकड़ों वीडियो थे। जैसे ही किसी गाड़ी में झगड़ा, गलत साइड या अश्लीलता दिखती, वो अपनी राइडर बाइक लेकर दौड़ जाता और वसूली करता था। यह सब वो एक साल से भी ज्यादा समय से कर रहा था।
एक अन्य कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- ऑफिस में रोज पार्टी करता था। जब लखनऊ से अधिकारी आते, उन्हें होटल में पार्टी कराता। ज्यादातर ढाबों पर खाना खाता। दोस्तों की भी खूब खातिरदारी करता।
7 दिसंबर तक पंचिंग करता रहा टोल प्लाजा के एक कर्मचारी ने बताया कि आशुतोष 7 दिसंबर तक अटेंडेंस पंचिंग से लगाता रहा। वह कंपनी के वॉट्सऐप ग्रुप पर 8 दिसंबर तक रहा है।