Delhi Blast: दिल्ली में लाल किले के पास हुए हालिया विस्फोट और फरीदाबाद में बरामद विस्फोटकों के मामले में जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को जांच एजेंसियों से गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों को परेशान न करने की अपील की. उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग भी की. श्रीनगर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं दिल्ली लाल किला विस्फोट की कड़ी निंदा करती हूं. यह एक भयानक घटना है जिसमें निर्दोष लोगों की जान गई. अगर किसी डॉक्टर की इसमें संलिप्तता है, तो यह समाज के लिए बेहद दुखद है लेकिन मैं चाहती हूं कि जांच निष्पक्ष हो और निर्दोष लोगों, खासकर गिरफ्तार डॉक्टरों के माता-पिता को परेशान न किया जाए.
डॉक्टर मुजम्मिल की मां ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
यह बयान पुलवामा निवासी डॉक्टर मुजम्मिल की मां के उस बयान के बाद आया है, जिन्होंने अपने बेटे के खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया है. डॉ. मुजम्मिल को फरीदाबाद में 10 नवंबर को 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, एक असॉल्ट राइफल और अन्य गोला-बारूद बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. मुजम्मिल की मां ने कहा कि परिवार को अपने बेटे से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है. उन्होंने कहा कि मेरा बेटा 4 साल पहले घर से दिल्ली डॉक्टर बनने गया था. अब हमें पुलिस से उसकी गिरफ्तारी की खबर मिली. हमें मिलने नहीं दिया जा रहा और मेरे दूसरे बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.
इसी बीच, दिल्ली विस्फोट मामले में जांच के दायरे में आए शाहीन और परवेज के परिवारों ने भी अपनी बेगुनाही का दावा किया है. शाहीन के भाई मोहम्मद शोएब ने कहा कि हमारे भाई-बहन का पिछले तीन सालों से हमसे कोई संपर्क नहीं है. हमें उनकी किसी भी गतिविधि के बारे में जानकारी नहीं है. हरियाणा पुलिस की अपराध शाखा की टीम ने बुधवार को डॉ. मुजम्मिल के पुलवामा स्थित घर पर भी जांच की. उधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली कार विस्फोट की जांच के लिए एक समर्पित और व्यापक जांच दल गठित किया है. सूत्रों के मुताबिक, यह विस्फोट जैश-ए-मोहम्मद के एक मॉड्यूल द्वारा अंजाम दिया गया आतंकवादी हमला था जिसका खुलासा भारतीय जांच एजेंसियों ने किया है.