नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान (Asia Cup Row) को हराकर एक बार फिर ट्रॉफी अपने नाम की। 28 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से मात दी। यह जीत सिर्फ खेल के लिहाज से ही नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
सूर्यकुमार BJP सरकार की स्क्रिप्ट पढ़ रहे- AAP
दरअसल, आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bhardwaj) ने इस मैच को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव (Surya Kumar Yadav) को निशाने पर लेते हुए उन्हें ‘संघी’ (RSS) तक कह डाला। भारद्वाज का आरोप है कि सूर्यकुमार BJP सरकार की स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं और उनके बयान सीधे-सीधे सत्ताधारी दल की लाइन को आगे बढ़ाते हैं।
भारद्वाज ने सूर्यकुमार पर हमला करते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में देशभक्ति दिखाना चाहते हैं तो अपनी मैच फीस आतंकी हमले में मारे गए पीड़ितों की विधवाओं को दान करें। इस बयान के बाद विवाद और गहरा गया। हालांकि सूर्यकुमार यादव ने फाइनल मैच जीतने के बाद घोषणा की थी कि वह अपनी पूरी मैच फीस भारतीय सेना और पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों के परिवारों को देंगे। इस फैसले की पूरे देश में सराहना की गई।
सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट
लेकिन भारद्वाज इससे संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सूर्यकुमार यादव का एक वीडियो साझा किया, जिसमें कप्तान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते नजर आ रहे थे। वीडियो में सूर्यकुमार कहते हैं, “अच्छा लगता है जब देश का लीडर फ्रंटफुट पर बैटिंग करता है। ऐसा लग रहा था कि उन्होंने स्ट्राइक ली और रन बनाए। जब सबसे आगे खड़े हैं तो खिलाड़ी तो खुलकर खेलेंगे ही।”
इसी वीडियो को शेयर करते हुए भारद्वाज ने लिखा- “ईश्वर की कृपा है। संघी कितना भी छुपे, नकाब उतर ही जाता है और 630 करोड़ नहीं दिए।” इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
सौरभ भारद्वाज ने क्रिकेटर पहले भी दी थी चुनौती
सौरभ भारद्वाज ने पहले भी सूर्यकुमार को चुनौती दी थी कि वह अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा आतंकी हमले के पीड़ितों को दान करें। उन्होंने कहा था कि ऐसा करने पर ही माना जाएगा कि सूर्यकुमार ने यह जीत सेना को समर्पित की है। इस पूरे विवाद ने क्रिकेट और राजनीति को एक बार फिर आमने-सामने ला दिया है। एक ओर देश क्रिकेट टीम की जीत का जश्न मना रहा है, तो दूसरी ओर विपक्षी राजनीति ने इसे अपने आरोप-प्रत्यारोप का हथियार बना लिया है।
सूर्यकुमार यादव पर लगाए गए इस तरह के आरोपों ने खेल भावना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां कप्तान का कदम देशभक्ति की मिसाल माना जा रहा है, वहीं विपक्ष के नेता इसे राजनीति से जोड़कर देखने से पीछे नहीं हट रहे। अभी तक सूर्यकुमार यादव ने भारद्वाज के इन ताज़ा आरोपों का कोई जवाब नहीं दिया है। लेकिन सोशल मीडिया पर इस मामले ने खूब तूल पकड़ लिया है और फैन्स बड़े पैमाने पर कप्तान के समर्थन में उतर आए हैं।
ईश्वर की कृपा है
संघी कितना भी छुपे
नक़ाब उतर ही जाता है
और 630 करोड़ नहीं दिए pic.twitter.com/sVMCCIyTbH— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) September 30, 2025