PM Modi Speech on Hindu Rate of Growth: पीएम मोदी ने सुधारों, आत्मनिर्भरता और ‘विकसित भारत’ के विजन पर एक बार फिर अपना नजरिया पेश किया है. दिल्ली में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कहा कि जब दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं, तब भारत तेज़ी से विकास की नई कहानी लिख रहा है. कभी 2–3 प्रतिशत की कमजोर विकास दर के लिए पहचाना जाने वाला भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज उस दौर को पीछे छोड़ चुका है. जब उसकी विकास दर 2–3 प्रतिशत के आसपास अटकी रहती थी और उसे ‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ कहा जाता था. अब भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है.
देश की बढ़ती ताकत की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत को दुनिया ‘ग्लोबल ग्रोथ इंजन’ और ‘ग्लोबल पावरहाउस’ कह रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, तो अब कोई उसे ‘हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ’ क्यों नहीं कहता? पीएम ने कहा कि यह शब्द उस समय इस्तेमाल होता था, जब भारत आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहा था.
अब लक्ष्य के साथ हो रहे सुधार – पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारत में सुधार मजबूरी में या राजनीतिक दबाव के कारण किए जाते थे. लेकिन अब फैसले राष्ट्रीय हित को सामने रखकर लिए जाते हैं. आज हर सेक्टर में सुधार दिख रहा है. देश की गति स्थिर, दिशा स्पष्ट और इरादा राष्ट्रहित में है. पीएम मोदी के अनुसार, 2025 सुधारों का साल रहा और इस दौरान नेक्स्ट जेनरेशन GST जैसे बड़े फैसले लिए गए. इसका असर देशभर में देखा जा रहा है.
‘निजी कंपनियों के लिए खोला गया अंतरिक्ष क्षेत्र’
पीएम मोदी ने भारत के स्पेस सेक्टर में हुए बदलावों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले यह क्षेत्र पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में था, लेकिन अब निजी कंपनियों के लिए इसे खोल दिया गया है. उन्होंने हाल ही में हैदराबाद में स्पेस सेक्टर की प्राइवेट कंपनी स्काईरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ का उद्घाटन करने का भी उल्लेख किया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कंपनी अब हर महीने एक रॉकेट बनाने की क्षमता विकसित कर रही है और विक्रम-1 रॉकेट पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार प्लेटफॉर्म दे रही है और देश का युवा उस पर अपना भविष्य बना रहा है. यही असली बदलाव है.
‘गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलें लोग’
पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक भारत गुलामी की मानसिकता से ग्रस्त रहा. इसकी वजह से देश का आत्मविश्वास कमजोर हुआ. ‘विकसित भारत” के रास्ते की यह सबसे बड़ी बाधा है, जिसे हमें छोड़ना होगा. उन्होंने कहा कि आज भारत उस सोच से खुद को मुक्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसका असर हर क्षेत्र में दिखने लगा है.
‘छोटे शहरों तक विकास की नई तस्वीर’
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत अपनी अनछुई क्षमता को पहचान कर आगे बढ़ रहा है. पूर्वी भारत में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और इंडस्ट्री में बड़े स्तर पर निवेश हो रहा है. अब गांव और छोटे शहरों में भी आधुनिक सुविधाएं पहुंच रही हैं. छोटे शहर स्टार्टअप और MSME के नए हब बनते जा रहे हैं.
‘वैश्विक मंदी के बीच भारत की मजबूत स्थिति’
पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया की औसत ग्रोथ करीब 3% और G7 देशों की ग्रोथ केवल 1.5% है. उस समय पर भारत हाई ग्रोथ रेट और कम महंगाई के मॉडल पर आगे बढ़ रहा है. पूर्व की सरकारों से तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारत में महंगाई को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन अब कम महंगाई की बात होती है. यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों का नहीं बल्कि देश की मजबूती और आत्मविश्वास का संकेत है.
‘GDP के आंकड़े भारत की नई ताकत’
पीएम मोदी ने बताया कि हाल ही में जारी दूसरी तिमाही के GDP आंकड़ों में 8% की वृद्धि दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि ये केवल आंकड़े नहीं बल्कि दुनिया को यह संदेश देने वाले संकेत हैं कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का मजबूत इंजन बन चुका है. उन्होंने कहा कि आज का भारत सिर्फ खुद को नहीं बदल रहा, बल्कि भविष्य को भी आकार दे रहा है.