जाते-जाते पुतिन कर गए ऐसा काम, जिंदगी भर याद रखेगा ITC मौर्या होटल का स्टाफ

Putin Clicked Pic With Hotel Staff: दिल्ली में दो दिवसीय भारत यात्रा के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक बेहद सादा और दिल छू लेने वाला अंदाज सामने आया. होटल में ठहरने के दौरान वहां के कुछ स्टाफ सदस्यों ने उनसे फोटो की फरमाइश की. इसके बाद पुतिन ने बिना झिझक मुस्कुराकर कैमरे के सामने पोज दे दिया. दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल पुतिन का यह अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का मुद्दा बन गया है.

रूसी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक होटल के स्टाफ ने पुतिन से एक ग्रुप फोटो की निवेदन किया था. पुतिन न सिर्फ रुके बल्कि मुस्कुराते हुए तस्वीर के लिए खड़े हुए. फोटो क्लिक होने के बाद स्टाफ ने उनकी गर्मजोशी के लिए धन्यवाद दिया, तो उन्होंने भी मुस्कुराते हुए विदाई दी. उनकी यह सहजता भारत दौरे के माहौल को और मानवीय बनाती दिखी.

क्या है मामला: होटल में कैसे बना यह खास पल?
रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार एक पत्रकार ने इस घटना का वीडियो टेलीग्राम पर साझा किया. वीडियो में दिखा कि पुतिन कम्फर्ट अंदाज में होटल स्टाफ के बीच खड़े हैं और सभी के साथ ग्रुप फोटो दे रहे हैं. यह पूरा पल बेहद हल्का-फुल्का और दोस्ताना माहौल में बीता. होटल कर्मचारियों के चेहरे पर उत्साह साफ दिख रहा था.

भारत यात्रा के दौरान पुतिन का गर्मजोशी भरा रवैया
पुतिन की यात्रा का औपचारिक समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित राजकीय भोज के बाद हुआ. उससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए सम्मान और मेहमाननवाजी की खुलकर सराहना की. पुतिन ने कहा कि उनके और पीएम मोदी के बीच बहुत करीबी रिश्ता है और दोनों ही देश मिलकर रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने में जुटे हैं.

हैदराबाद हाउस की बैठक में क्या-क्या तय हुआ?
राजनीति, सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, मीडिया, उर्वरक, स्वास्थ्य, मानवीय आदान-प्रदान और समुद्री सहयोग जैसे क्षेत्रों में बड़े फैसले हुए. दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए. इससे आने वाले सालों में द्विपक्षीय रिश्ते और मजबूत होंगे.

क्यों खास है यह अनौपचारिक पल?
कूटनीति अक्सर औपचारिकता में बंधी होती है, लेकिन पुतिन का यह अनौपचारिक, सहज और मानवीय अंदाज याद दिलाता है कि नेता भी इंसान होते हैं. होटल स्टाफ के साथ तस्वीर खिंचवाने जैसी छोटी-सी बात भी इस यात्रा का यादगार हिस्सा बन गई. यह घटना बताता है कि भारत-रूस रिश्ते सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के स्तर पर भी गर्मजोशी और विश्वास से भरे हुए हैं.