Delhi Jantar Mantar पर सुरक्षा कड़ी, जंजीरों और वेल्डिंग से सील किए गए बैरिकेड्स

Delhi Jantar Mantar Protest: देश की राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर अभी जबरदस्त राजनीतिक हलचल और विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बन गया है. शनिवार को दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग और जय सिंह मार्ग पर पक्के बैरिकेड लगाए हैं. यह फैसला 20 जुलाई को ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान हुई गड़बड़ी के बाद लिया गया है, क्योंकि आज CJP के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच बैठक होगी. ऐसे में प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर इलाके तक ही सीमित रखने की कोशिश की जा रही है. बैरिकेड्स को लोहे की छड़ों और वेल्डिंग की मदद से जमीन से मजबूती से जोड़ा गया है. अब जंतर-मंतर के पास सड़क पर छह-लेयर वाला बैरिकेड सिस्टम लगाया गया है.

केंद्रीय मंत्रियों और CJP की बैठक
शुक्रवा को विवाद को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच लंबी बातचीत चल रही. अब तक हुई बैठकों में कुछ प्रशासनिक मुद्दों और मांगों को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति के संकेत मिले हैं. हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पेंच अटका हुआ है. इस सिलसिले में आज यानी कि 25 जुलाई को दोपहर 3:30 बजे एक और उच्च-स्तरीय बैठक तय की गई है. सरकार की ओर से जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह CJP के प्रतिनिधियों के साथ आमने-सामने बातचीत करेंगे.

संसद तक मार्च की चेतावनी
इस बैठक को बहुत अहम माना जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि अगर आज दोपहर की बैठक से कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है तो प्रदर्शनकारी समूह एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाते हुए संसद की ओर मार्च करने का बड़ा कदम उठा सकता है.

धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो भवीष्य रणनीति पर काम करेंगे
वहीं सरकार के साथ बैठक के बाद, CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि कल की बैठक में मुआवज़े और कानूनी मामलों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली. सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी. उम्मीद है कि आज हमें वह लिखित समझौता भी मिल जाएगा, लेकिन मुख्य मांग यानी कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि असल में हमने मुख्यधारा की मीडिया में देखा कि सूत्रों का कहना था कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे. अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो हमें बता दें; फिर इस तरह की बैठक का कोई मतलब नहीं है. हम अपनी भविष्य की रणनीति पर काम करेंगे. अगर सरकार का रवैया ऐसा ही रहा तो हमें कड़ा रुख अपनाना पड़ेगा.

वहीं सरकार द्वारा 47 NTA अधिकारियों को हटाए जाने पर आशुतोष रांका ने कहा कि हमें कई विवरण देखने होंगे, लेकिन फिर से उसी बात पर चर्चा कर रहे हैं. अंतिम जवाबदेही शिक्षा मंत्री की है, क्योंकि पेपर लीक और NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए वे सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं. उन्हें इस्तीफा देना होगाा हम लगातार अन्य बड़े सुधारों पर चर्चा कर रहे हैं. कल हमने सरकार को मांगों का एक चार्टर भी सौंपा.

कांग्रेस पार्टी का देशव्यापी विरोध
इन बीच, विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी मैदान में उतर आई है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, CBSE से जुड़े विवादों और छात्रों के खिलाफ हालिया पुलिस कार्रवाई के विरोध में देशभर में जिला स्तर पर कैंडल मार्च आयोजित करने का फैसला किया है. विपक्षी दलों का दावा है कि इस आंदोलन का मकसद प्रभावित युवाओं को न्याय दिलाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है.

फिलहाल, जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस हाई अलर्ट पर है, जबकि सबकी नजरें आज दोपहर होने वाली निर्णायक बैठक के नतीजों पर टिकी हैं.