बुशहर न्‍यूक्लियर प्‍लांट की हालत खतरनाक, रूस तेजी से निकाल रहा अपने नागरिक

ईरान के बुशहर में एटॉमिक पॉवर प्लांट के पास हुए इजरायली हमले ने वहां के हालात को बेहद गंभीर बना दिया है. रूस के सरकारी परमाणु निगम के प्रमुख अलेक्सी लिखाचेव ने बुधवार (25 मार्च) को चेतावनी देते हुए कहा कि इस इलाके में हमले के बाद यहां की स्थिति बहुत तेजी से खराब होती जा रही है. ऐसे में उन्होंने तेजी से रूसी नागरिकों को वहां से निकालने का फैसला किया है. लिखाचेव ने बताया कि मंगलवार शाम एक मिसाइल सक्रिय रिएक्टर यूनिट के पास आकर गिरी. हालांकि इस हमले में किसी के हताहत नहीं हुआ था लेकिन खतरा अभी टला नहीं है. लिखाचेव के मुताबिक, हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और अगर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया, तो स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है.

रूस की सरकारी मीडिया ताश के मुताबिक रोसाटॉम की मीडिया ने एलेक्सी लिहाचेव के हवाले से कहा, ‘कल हमने यहां फंसे कर्मचारियों को निकालने के तीसरे चरण की तैयारी करने का फैसला किया है. आज सुबह एक समूह वाहन से ईरान-आर्मेनिया सीमा के लिए रवाना हो गया. जल्द ही दो और समूहों को निकाला जाएगा.’ लिखाचेव ने आगे कहा कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है तब तक वे साइट पर मौजूद रूसी विशेषज्ञों की संख्या को अस्थायी रूप से न्यूनतम स्तर पर ला रहे हैं.

28 फरवरी से इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर बोला हमला
लिखाचेव ने यह भी बताया कि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थल पर स्थिति लगातार नकारात्मक रूप से बिगड़ रही है. हाल के दिनों में परमाणु प्लांट के पास यह दूसरा हमला था. इसके पहले 17 मार्च को भी इसी तरह का एक हमला हुआ था, जिससे कोई नुकसान या चोट नहीं पहुंची थी. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. इन हमलों में अब तक कुल 1,340 से अधिक लोग मारे गए हैं. इसमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भी शामिल हैं.

ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर की जवाबी कार्रवाई
तेहरान ने इजरायल के साथ ही जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमलों से जवाबी कार्रवाई की है. जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. इन हमलों से जान-माल का नुकसान हुआ है और ईरान के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है. इस युद्ध से वैश्विक बाजार और विमानन सेवाएं बाधित हुई हैं. सोमवार को IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी के साथ फोन पर बातचीत के बाद, लिखाचेव ने मीडिया को बताया कि रूस बुशहर संयंत्र से कर्मचारियों को निकालने के लिए निकासी के कई चरणों की तैयारी कर रहा है.