नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के लाल किला इलाके में सोमवार शाम को हुए कार बम विस्फोट मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। अब तक दो संदिग्ध कारों की जानकारी सामने आने के बाद, गुरुवार को एक तीसरी कार के बारे में भी जानकारी मिली है, जिसकी तलाश जारी है। सुरक्षा एजेंसियां इस तीसरी लापता कार को ढूंढने में जुटी हैं, जिसके बारे में माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल विस्फोटकों को ले जाने या संदिग्धों के भागने में किया गया होगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम को लाल किला के पास एक सफेद हुंडई आई-20 कार में विस्फोट हुआ था, जिसमें 13 लोगों की दुखद मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए थे। शुरुआती जांच में एक और संदिग्ध गाड़ी का पता चला था। जांच टीमों ने फरीदाबाद जिले से इस दूसरी गाड़ी, एक लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट को बरामद करने में सफलता हासिल की थी। हालांकि, अब एक तीसरी कार, जिसके मारुति ब्रेज़ा होने की आशंका है, अभी भी लापता है।
सूत्रों का कहना है कि लापता तीसरी कार का इस्तेमाल आरोपियों द्वारा रेकी (टोही) करने या घटना के बाद भागने के लिए किया गया हो सकता है। इस आशंका के चलते, दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस मारुति ब्रेज़ा का पता लगाने के लिए दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। इस खुलासे के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है और हाई अलर्ट जारी है।
जांच की दिशा और आगे की रणनीति
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। विस्फोटकों के स्रोत, आरोपियों की पहचान और उनके मकसद का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। तीसरी कार के बरामद होने से जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है और यह उन संदिग्धों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
फरीदाबाद के खंदावली गांव में जब खेतों में खड़ी एक लाल रंग की कार (ईकोस्पोर्ट) में विस्फोटक मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। यह वही लाल रंग की ईकोस्पोर्ट कार है जिसे दिल्ली धमाके में आतंकियों ने इस्तेमाल किया है। कार में विस्फोटक मिलने की सूचना पर आनन-फानन एनएसए, फोरेंसिक टीम और भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।
कार के आसपास बने लगभग 10 घरों को खाली करा लिया और इलाके को सील कर दिया। मौके पर 400 से अधिक पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती की गई है, जो किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मुस्तैद हैं। खंदावली गांव से लगभग 200 मीटर दूर खेतों में फहीम नाम के व्यक्ति के घर के पास एक लाल रंग की कार खड़ी थी।
पुलिस की जांच में पता चला है कि मंगलवार की सुबह कार को यहां खड़ा करने वालों में दो पुरुष और एक महिला शामिल थी, जिनमें फहीम का साला भी है। फहीम का साला पेशे से कार मिस्त्री बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि कार सर्विस कराने के दौरान फहीम के साले का संपर्क अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों और कुछ संदिग्ध आतंकियों से हुआ था।
यह भी पता चला है कि फहीम की ससुराल धौज गांव में है, जहां अल फलाह यूनिवर्सिटी भी स्थित है। इस खुलासे के बाद पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुट गई है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इस घटना के मद्देनजर, सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
इलाके में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। पुलिस विस्फोटक की प्रकृति और इसके पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों में भय का माहौल है और वे इस घटना को लेकर काफी चिंतित हैं।
डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है
सुरक्षा एजेंसियां डॉ. उमर की गतिविधि और संचार का पता लगाने के लिए विस्फोट के दिन अपराह्न तीन बजे से शाम 6.30 बजे के बीच लाल किला क्षेत्र से मोबाइल डेटा का भी विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि डॉ. मुजम्मिल ने अपने साथी डॉ. उमर नबी के साथ सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ की प्रवृत्ति का पता लगाने के लिए कई बार लाल किले का दौरा किया था।
टावर लोकेशन डेटा और आसपास के इलाकों से एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनकी गतिविधियों की पुष्टि की गई है। ऐसा बताया गया है कि सोमवार को जिस कार में विस्फोट हुआ उसे डॉ. उमर नबी चला रहा था जो अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर था।