वेनेजुएला की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है. अमेरिका के बड़े सैन्य हमले के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलीया फ्लोरेस को देश से बाहर ले जाए जाने की खबर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. इस अचानक घटनाक्रम से वेनेजुएला में सत्ता को लेकर गहरा संकट खड़ा हो गया. इसी बीच देश की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया है. मादुरो जिन्हें प्यार से ‘शेरनी’ या ‘टाइगर’ कहते थे, वही डेल्सी अब देश की बागडोर संभालेंगी. सवाल है कौन हैं डेल्सी रोड्रिगेज और क्यों उन्हें सत्ता की सबसे मजबूत दावेदार माना जाता है?
अमेरिका का बड़ा हमला और वेनेजुएला में हड़कंप
शनिवार तड़के अमेरिका ने वेनेजुएला पर “बड़े पैमाने पर हमला” किया. इस कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाया गया. महीनों से मादुरो सरकार पर दबाव बना रहा अमेरिका लंबे समय से इस सरकार को अवैध मानता आया है. इस रातों-रात ऑपरेशन के बाद वेनेजुएला में भारी अफरा-तफरी मच गई. अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले में कितनी जानें गईं या सेना को कितना नुकसान हुआ. नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा.
कौन हैं डेल्सी रोड्रिगेज
डेल्सी रोड्रिगेज जून 2018 से वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति हैं. इसके साथ-साथ वे वित्त और तेल मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं, जिससे उनकी पकड़ सत्ता के केंद्र में बेहद मजबूत मानी जाती है. 56 वर्षीय डेल्सी का जन्म 18 मई 1969 को कराकस में हुआ था. वे वामपंथी गुरिल्ला नेता जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिगेज की बेटी हैं, जिन्होंने 1970 के दशक में ‘लीगा सोशलिस्टा’ पार्टी की स्थापना की थी. कानून की पढ़ाई कर चुकी डेल्सी बीते एक दशक में तेजी से राजनीति में उभरीं और मादुरो सरकार की सबसे भरोसेमंद चेहरा बनीं.
विदेश नीति से तेल मंत्रालय तक, क्यों अमेरिका से टकराव
डेल्सी रोड्रिगेज 2013-14 में संचार और सूचना मंत्री रहीं, जबकि 2014 से 2017 तक उन्होंने विदेश मंत्री के रूप में काम किया. इसी दौरान उन्होंने अर्जेंटीना में मर्कोसुर ट्रेड ब्लॉक की बैठक में जबरन प्रवेश की कोशिश कर सुर्खियां बटोरीं, जब वेनेजुएला को इस समूह से निलंबित किया गया था. अगस्त 2024 में उन्हें तेल मंत्रालय सौंपा गया, जहां उनकी बड़ी जिम्मेदारी अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच तेल उद्योग को संभालना है. अमेरिका का कहना है कि उसने माइग्रेशन, ड्रग्स और ‘नार्को-टेररिज्म’ के कारण हमला किया. अब इन सबके बीच डेल्सी रोड्रिगेज के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश को स्थिरता देना और अंतरराष्ट्रीय दबाव से निपटना है.