पाकिस्तान में बैठी लड़की से प्यार कर बना हैंडलर, इशारा मिलते ही करता था साइबर ठगी

Rajasthan Big News: हनुमानगढ़ जिले के डबली राठान गांव का रहने वाला हरदीप सिंह एक पाकिस्तानी महिला से ऑनलाइन प्रेम संबंध में था. दोनों के बीच गहरी नजदीकियां बढ़ीं और हरदीप मिलने पाकिस्तान जाना चाहता था. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर और सीमा प्रतिबंधों के कारण वह नहीं जा सका. इसी दौरान पाकिस्तानी साइबर ठग गिरोह ने उसे अपने जाल में फंसा लिया. लाहौर से बैठे ठग ने हरदीप को बताया कि वह भी पहले सरदार था लेकिन मुस्लिम बन गया. इस बातचीत से हरदीप का भरोसा जीता गया और वह भारत में फाइनेंशियल फैसिलिटेटर बन बैठा.

ठगी का पूरा नेटवर्क और तरीका
हरदीप सिंह पाकिस्तान से निर्देश लेकर भारत में साइबर ठगी की रकम निकालता और आगे भेजता था. ठग गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम पर सस्ते सामान, निवेश, जॉब ऑफर, फाउंडेशन मदद जैसे लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठता था. हरदीप कमीशन (10-20%) रखकर बाकी रकम USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलकर पाकिस्तान भेजता था. ट्रैकिंग मुश्किल बनाने के लिए कई बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल इस्तेमाल किए जाते थे.

दिव्यांग पेंशन खाते से खुलासा
मामला तब सामने आया जब गांव के पैरालिसिस पीड़ित राजपाल सिंह का बैंक खाता फ्रीज हो गया. उनके दिव्यांग पेंशन खाते में ठगी की रकम आई थी. जम्मू-कश्मीर (उधमपुर) और मध्यप्रदेश (देवास) पुलिस से नोटिस मिलने पर जांच शुरू हुई. पता चला कि हरदीप ने राजपाल को बहला-फुसलाकर उनका एटीएम कार्ड और पिन ले लिया और खाते से ठगी की रकम निकाल ली.