जयपुर: राजस्थान में हर साल डेंगू से बड़ी संख्या में मरीजों की मौत होती थी, लेकिन बीते कुछ साल में चिकित्सा विभाग ने डेंगू पर कंट्रोल कर लिया. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मनीष मित्तल का कहना है कि वर्ष 2025 में डेंगू के कुल मामलों की संख्या नियंत्रित रही. सबसे महत्वपूर्ण बात रही कि मौत के आंकड़ों में कमी दिखी. यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ वर्षों में डेंगू से मौतों के आंकड़े चिंताजनक रहे हैं. वर्ष 2023 में डेंगू से बड़ी संख्या में मौतें हुई थी.
सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल का कहना है कि यह गिरावट राज्य की बदली रणनीति का परिणाम है. अब फोकस केवल मरीजों के इलाज पर नहीं, बल्कि रोकथाम, समय पर जांच, सर्विलांस और जन जागरूकता पर केंद्रित है. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एंटी-लार्वा गतिविधियां, फॉगिंग अभियान, डोर-टू-डोर सर्वे और बुखार के मरीजों की त्वरित जांच ने अहम भूमिका निभाई है.
अत्यधिक बारिश ने साथ दिया : डॉ. मित्तल का कहना है कि वर्ष 2025 में मानसून प्रदेश में मेहरबान रहा. जमकर बारिश होने के कारण डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों का खतरा काफी कम रहा. लगातार बारिश के कारण मच्छरों की कॉलोनियां पनप नहीं पाई. साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में डेंगू वार्ड, प्लेटलेट्स की उपलब्धता और त्वरित उपचार प्रोटोकॉल को भी मजबूत किया. आमजन को पानी जमा नहीं होने देने, कूलर व टंकियों की नियमित सफाई और मच्छर से बचाव के उपाय अपनाने को जागरूक किया.
यह रहा तीन साल का आंकड़ा : वर्ष 2023 में प्रदेश में डेंगू के कुल 13,924 मामले देखने को मिले, जबकि 14 मरीजों की मौत दर्ज की गई. साथ ही वर्ष 2024 में डेंगू के कुल 12,514 मामले आए. इस वर्ष पांच मरीजों की मौत डेंगू से दर्ज की गई. वर्ष 2025 की बात करें तो प्रदेश में डेंगू के कुल 4348 मामले आए और तीन मरीजों की मौत दर्ज की गई. वर्ष 2025 में भी डेंगू के कुल मामलों में भी बड़ी संख्या में कमी दर्ज की गई, जो राहत की बात है.