राजस्थान चुनावों में निकाय-पंचायत वोटिंग होगी पूरी तरह डिजिटल

Rajasthan Panchayat Election : राजस्थान में होने वाले आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से इस बार मतदान ईवीएम यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है. इसी दिशा में राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है, जिसके तहत चुनावों के लिए बड़ी संख्या में ईवीएम मशीनें किराए के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी.

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान को करीब 30 हजार कंट्रोल यूनिट और 60 हजार बैलेट यूनिट उपलब्ध कराएगा. इन मशीनों का उपयोग केवल नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में किया जाएगा. यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य में बड़ी संख्या में स्थानीय निकाय और ग्राम पंचायत चुनाव एक साथ प्रस्तावित हैं, जिनके लिए पर्याप्त मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी था.

ईवीएम सुरक्षा के कड़े इंतजाम
समझौते के तहत मशीनों की आपूर्ति, उपयोग, रखरखाव, सुरक्षा और चुनाव संपन्न होने के बाद वापसी तक की पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी. चुनाव के दौरान ईवीएम की सुरक्षा से जुड़े सभी मानक प्रोटोकॉल लागू रहेंगे, जिनमें सीलिंग, स्ट्रॉन्ग रूम में भंडारण, परिवहन की निगरानी और तकनीकी परीक्षण जैसी प्रक्रियाएं शामिल होंगी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि मशीनों के परिवहन, स्टोरेज और संचालन की जिम्मेदारी तय प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ही निभाई जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी चूक की संभावना न रहे.

बीईएल इंजीनियर करेंगे टेस्टिंग
तकनीकी मजबूती सुनिश्चित करने के लिए सभी ईवीएम का पूर्व परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर मशीनों की मरम्मत और तकनीकी सहयोग की व्यवस्था भी रहेगी. इसके लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) हैदराबाद के अधिकृत इंजीनियरों की सेवाएं ली जाएंगी, जो मशीनों की जांच, अपडेट और तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे. इससे चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी संभावित तकनीकी बाधा को समय रहते दूर किया जा सकेगा.

ईवीएम से तेज होगी मतगणना
विशेषज्ञों का मानना है कि ईवीएम के उपयोग से मतगणना प्रक्रिया तेज होगी, मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और चुनाव परिणाम अपेक्षाकृत कम समय में घोषित किए जा सकेंगे. साथ ही पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी. राज्य निर्वाचन आयोग का यह कदम स्थानीय स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ मतदाताओं का भरोसा भी मजबूत होने की उम्मीद है.