नागौर। राजस्थान में साल 2021 की सब इंसपेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला आ गया है। हाईकोर्ट ने इस भर्ती को रद्द कर दिया। कोर्ट के फैसले के बाद लंबे समय से भर्ती रद्द करने की मांग उठा रहे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) सांसद हनुमान बेनीवाल ने समर्थकों संग जमकर डांस कर जश्न मनाया। जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दे रहे युवाओं ने भी खुशी जताई और कहा- “आज 4 साल की मेहनत रंग लाई है।”
हनुमान बेनीवाल ने फैसले के बाद कहा कि बीजेपी के मंत्री और कई अधिकारी इस भर्ती को रद्द नहीं करना चाहते थे। लेकिन न्यायपालिका ने सच्चाई सामने रख दी। अब कई नेता क्रेडिट लेने के लिए भागेंगे। सबको पता है कि कौन पीठ दिखाकर भागा और कौन युवाओं के साथ खड़ा रहा।
बेनीवाल ने कहा कि अगर हाईकोर्ट का फैसला इसके विपरीत आता तो हम दिल्ली कूच कर जाते। हमारी लड़ाई माफिया के खिलाफ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब कई बुलबुले और बरसाती मेंढक सामने आएंगे और कहेंगे कि हम भी आंदोलन में थे, लेकिन असली लड़ाई किसने लड़ी यह सबको पता है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं ने एसआई भर्ती पर ही सरकार बनाई थी, लेकिन गहलोत सरकार में जब पेपर लीक हुआ तब वही नेता चुप्पी साधकर बैठ गए। आरएलपी ने युवाओं के आंदोलन को मजबूती दी।
बेनीवाल बोले कि युवाओं ने जयपुर में आंदोलन किया, आक्रोश रैली निकाली, जेल भरो आंदोलन किया और राज्यपाल से मुलाकात भी की। चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने वादा किया था कि पेपर लीक के माफियाओं को पाताल से ढूंढेंगे और भर्ती रद्द करेंगे। लेकिन बीजेपी के नेता छुप गए और हमें उन्हें उनके वादे याद दिलाने पड़े।
बेनीवाल ने यह भी कहा कि बीजेपी के मंत्री और कई अधिकारी नहीं चाह रहे थे कि भर्ती परीक्षा रद्द हो। आखिरकार हमें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा और कोर्ट ने इस मामले की तह तक जाकर सच सामने ला दिया।
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि जब दोनों बड़ी पार्टियां और माफिया मिल जाते हैं तो सरकार कमजोर पड़ जाती है। लेकिन ऐसे समय पर न्यायपालिका ही जनता के साथ खड़ी होती है। उन्होंने साफ कहा कि हाईकोर्ट का यह फैसला सिर्फ युवाओं की जीत नहीं, बल्कि माफिया के खिलाफ बड़ा संदेश है।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि हम क्रेडिट लेने वाले नेता नहीं हैं। कई नेता सिर्फ बयानबाजी के लिए सामने आएंगे, लेकिन सच यह है कि जरूरत के समय वही नेता गायब थे।
जयपुर के शहीद स्मारक पर बीते 127 दिनों से एसआई भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा था। इस धरने में आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल लगातार युवाओं के बीच जाते और भर्ती रद्द करने की मांग उठाते रहे। कोर्ट के फैसले के बाद अब यह धरना खत्म करने की घोषणा की गई है।
धरने में शामिल युवा विकास ने कहा- “आज बहुत खुशी का दिन है। 4 साल की मेहनत रंग लाई है। तानाशाही हारी है और बेरोजगार युवाओं की जीत हुई है।”
धरने में शामिल युवाओं ने कहा कि असली दोषी आरपीएससी के चेयरमैन हैं। भर्ती के मगरमच्छ विदेशों में घूम रहे हैं और सरकार सिर्फ बयान देती रही। सत्ता में आने से पहले सरकार ने कहा था कि आरपीएससी को भंग करेंगे और सीबीआई से जांच कराएंगे। लेकिन कोई वादा पूरा नहीं हुआ।
युवाओं ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। सरकार का पक्षपातपूर्ण रवैया हारा है और हाईकोर्ट ने साफ संदेश दे दिया है कि अगर कोई माफिया गड़बड़ी करेगा और सरकार उसे बचाएगी तो अदालत सख्ती से निपटेगी।
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