दौसा: राजस्थान की सीकर – झुंझुनू बॉर्डर पर पिछले तीनों हुई गैंगवार के मामले में मुख्य आरोपी श्रवण भादवासी ने 23 दिसंबर को दौसा कोर्ट में सरेंडर किया। जैसे ही 50 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर श्रवण भादवासी के द्वारा कोर्ट में सरेंडर करने की सूचना मिली तो दौसा पुलिस सक्रिय हुई और पूरा न्यायालय परिसर छावनी में तब्दील हो गया। दौसा कोतवाल भगवान सहाय के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस जाब्ता कोर्ट में तैनात किया गया और उसके बाद हिस्ट्रीशीटर श्रवण भादवासी को पुलिस सुरक्षा के बीच कोर्ट से मेडिकल कराने अस्पताल ले जाया गया और झुंझनु पुलिस को सूचना दी गई, अब झुंझनु पुलिस आरोपी श्रवण भादवासी को अरेस्ट करके करेगी।
पुलिस ने घोषित किया था 50 हजार का इनाम
दरअसल, 12 दिसंबर को झुंझुनू जिले में सीकर बॉर्डर के समीप रविंद्र कटेवा और श्रवण भादवासी गैंग के बीच मुठभेड़ हुई थी।। इस दौरान करीब 3 किलोमीटर तक फायरिंग हुई थी। इस घटना में दोनों ही गैंग के द्वारा गोलियां चलाने का आरोप था। साथ ही श्रवण के द्वारा रविंद्र कटेवा को जान से मरवाने के लिए सुपारी देने का भी आरोप था। इस पूरे मामले में दो लोगों की मौत हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद आरोपी रविंद्र कटेवा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था लेकिन श्रवण भादवासी फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पर पचास हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था लेकिन अब श्रवण भादवासी ने दौसा कोर्ट में आकर सरेंडर किया है।
बदमाश श्रवण बोला- रविंद्र कटेजा गैंग से जान का खतरा
आरोपी श्रवण भादवासी ने बताया कि उसको रविंद्र कटेजा और उसकी गैंग से जान का खतरा था। साथ ही यह भी खतरा था कि यदि पुलिस उसे पकड़ती तो एनकाउंटर भी कर सकती थी। ऐसे में आरोपी अपनी जान बचाने के लिए कोर्ट की शरण में पहुंचा और सरेंडर किया हालांकि दोसा कोर्ट में सरेंडर के दौरान आरोपी श्रवण भादवासी ने 12 दिसंबर को हुई घटनाक्रम में खुद के द्वारा फायरिंग नहीं किए जाने का दावा किया और साथ ही कहा कि उसकी जान को खतरा था, इसलिए सरेंडर किया है। उसने बताया कि 12 दिसंबर की घटना में उसका नाम आने के कारण वह फरार हो गया था।