धर्मशाला: साइबर अपराधी हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. हालंकि, पुलिस भी साइबर ठगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में धर्मशाला स्थित साइबर थाना धर्मशाला की टीम ने साइबर अपराध के तीन बड़े मामलों को सुलझाते हुए एक करोड़ रुपए से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इन तीनों को राजस्थान से दबोचा है. साथ ही उनके कब्जे से 7 लाख 63 हजार रुपए की ठगी की राशि बरामद की है.
करोड़ों की ठगी मामले में तीन शातिर राजस्थान से गिरफ्तार
साइबर थाना नॉर्थ रेंज के एएसपी प्रवीण धीमान ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि, ये तीनों मामले वर्ष 2023 और 2024 के दौरान सामने आए थे, जिनमें शातिरों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगा था. साइबर थाना धर्मशाला की टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगामी जांच तेज कर दी है, ताकि यह पता चल सके के इन शातिर फ्रॉड के साथ और कितने लोग शामिल हैं.
पहला मामला: टेलीग्राम फ्रॉड से 32 लाख की ठगी
पहला मामला वर्ष 2023 में दर्ज हुआ था. इसमें जिला कांगड़ा के एक व्यक्ति को टेलीग्राम फ्रॉड के माध्यम से 32 लाख रुपए की चपत लगाई गई थी. जांच के दौरान साइबर थाना की टीम ने इस मामले में राजस्थान के जोधपुर जिले के रतनाड़ा हाईकोर्ट कॉलोनी के रहने वाले रघु प्रताप सिंह चौधरी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने पीड़ित को ऑनलाइन निवेश और टास्क के झांसे में फंसाकर भारी रकम हड़प ली थी.
दूसरा मामला: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 46 लाख की ठगी
दूसरा मामला वर्ष 2024 में सामने आया था, जिसमें ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक व्यक्ति से 46 लाख रुपए ऐंठ लिए थे. इस मामले में पुलिस ने आरोपी धर्म राम, निवासी रजनी पुनिया भीयासर, जोधपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया-धमकाया और उससे भारी रकम ठगी.
तीसरा मामला: ऑनलाइन टास्क फ्रॉड से 24 लाख की ठगी
तीसरा मामला भी वर्ष 2023 का है, जिसमें शातिरों ने ऑनलाइन टास्क के नाम पर धोखाधड़ी करते हुए एक व्यक्ति से 24 लाख रुपए ठग लिए थे. पुलिस जांच के दौरान इस मामले में संलिप्त आरोपी राकेश, निवासी, जमशेद नगर, जिला फलोदी (राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.
7.63 लाख रुपए बरामद
एएसपी प्रवीण धीमान ने बताया कि, “पुलिस टीम ने जांच के दौरान तीनों आरोपियों से 7 लाख 63 हजार रुपए की राशि बरामद की है. पुलिस जांच कर रही है कि इन मामलों में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई. साइबर अपराधियों द्वारा नई-नई तकनीकों से लोगों को ठगने के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में आम जनता को अधिक से अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है.”
लिंक, कॉल या ऐप पर किसी को बैंक डिटेल्स न दें
एएसपी प्रवीण धीमान ने कहा कि, “यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं. समय पर की गई शिकायत से ठगी की गई राशि वापस मिलने की संभावना अधिक होती है. किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या ऐप के माध्यम से निजी जानकारी या बैंक डिटेल्स साझा न करें.”